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रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) में गुजरात में से दो बैंकों के विलय को मंजूरी दे है। इस बात की जानकारी आरबीआई ने प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है। इस बैंकों के नाम बापूनगर महिला सहकारी बैंक लिमिटेड (अहमदाबाद) और विनायक सहकारी बैंक लिमिटेड (अहमदाबाद) हैं। अब इन दिनों बैंक की शाखाओं का संचालन विनायक सहकारी बैंक लिमिटेड के नाम से होगा।
यह योजना 27 मार्च से लागू होगी। आरबीआई ने यह कदम बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 की धारा 56 के साथ सेक्शन 44A के सब-सेक्शन 4 के तहत प्रदान की गई शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उठाया है। इस विलय के बाद बैंकिंग व्यवस्था और भी ज्यादा सुरक्षित और स्थिर बन सकती है। बेहतर डिजिटल और डिजिटल सेवाएं भी उपलब्ध हो सकती हैं। इस फैसले का सीधा असर ग्राहकों पर पड़ेगा। इसलिए उन्हें इसकी जानकारी होनी चाहिए।
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
विलय के बाद भी ग्राहक पहले की तरह सभी सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे। जमा राशि पूरी तरीके से सुरक्षित होगी। केवल बैंक के नाम में बदलाव किया जाएगा। हालांकि आईएफएससी कोड और ब्रांच के डिटेल में बदलाव हो सकते हैं। नए चेकबुक, पासबुक और एटीएम भी मिल सकते हैं। इसीलिए ग्राहकों को नियमित तौर पर बैंक के संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है। बैंक द्वारा आने वाले सभी नोटिस और अपडेट पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

कुछ दिन पहले हुआ था इन दो बैंकों का भी विलय
पिछले सप्ताह गुजरात में दो अन्य सहकारी बैंकों का भी मर्जर आरबीआई ने किया था। वडोदरा में स्थित लालबाग को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड और सूरत में स्थित अखंड आनंद को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का विलय किया गया था। यह आदेश 23 मार्च से प्रभावित है। वर्तमान में दोनों बैंकों के ब्रांच अखंड आनंद को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के नाम से बैंकिंग व्यवसाय का संचालन कर रहे हैं।


