RBI की बड़ी कार्रवाई: इस फाइनेंस कंपनी पर लगा ताला, लाइसेंस हुआ रद्द 

आरबीआई ने नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी का लाइसेंस रद्द कर दिया है। अब इसे कारोबार की अनुमति नहीं होगी। आइए जानें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने यह कदम क्यों उठाया और ग्राहकों पर इसका असर पड़ेगा?
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में साउथ दिल्ली के चित्तरंजन पार्क में स्थित दत्ता फाइनेंस एंड ट्रेडिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड का सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन यानी लाइसेंस रद्द कर दिया है। इससे संबंधित नोटोफिकेशन आरबीआई ने आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया है। यह कार्रवाई आरबीआई एक्ट 1934 के सेक्शन 45-IA(6) के तहत की गई है। दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप है।

सीओआर कैंसिल होने के बाद इस कंपनी को नॉन- बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टिट्यूट के तौर पर बिजनेस चालू रखने की अनुमति नहीं होगी। यह लेनदेन नहीं कर पाएगा। जिसका असर ग्रहकों पर भी पड़ेगा। इस कंपनी को सीओआर 29 मार्च 2000 को जारी किया गया था। जिसे 22 सितंबर को रद्द कर दिया गया है। इसके सर्विस प्रवाइडर KinCash ऐप और DoLoan ऐप (ज़ेस्ट टॉप वन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड) और ज़ेस्टकैश ऐप (कंपनी का इन हाउस ऐप) हैं।

क्या है वजह?

इस कंपनी ने अपने डिजिटल लोन परिचालन में वित्तीय सेवाओं की आउटसोर्सिंग में आरबीआई के आचार संहिता से जुड़े दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया। इसके अलावा अपने मुख्य निर्णय लेने वाले कार्य जैसे ग्राहकों की सोर्सिंग, उनकी उचित जांच पड़ताल, लोन वितरण, लोन सेवाएं, दिए गए ऋण की वसूली आदि के साथ सेवा प्रदाता को अपने ग्राहक को जाने यानि केवाईसी सत्यापन का काम आउटसोर्स नहीं कर पाया।

सितंबर में इन कंपनियों पर गिरी गाज

आरबीआई ने कुछ दिन पहले ही पश्चिम बंगाल, गुजरात और महाराष्ट्र में स्थित 31 कंपनियों का CoR रद्द कर दिया है। इन्हें भी अब कारोबार चालू रखने की अनुमति नहीं दी गई है। वहीं अलग-अलग कारणों से 9 एनबीएफसी ने अपना लाइसेंस सरेंडर किया था। इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने फोनपे लिमिटेड पर 21 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। एक निरीक्षण के दौरान दिशानिर्देशों के अनुपालन में खामियों का खुलासा हुआ था। जिसके बाद पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया। यह कदम रिजर्व बैंक ने प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट यानी पीपीआई से संबंधित नियम तोड़ने पर उठाया था।

Manisha Kumari Pandey
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