RBI की इस स्कीम में शानदार रिटर्न, निवेशकों को मिलेगा 8% से ज्यादा ब्याज, 1 जुलाई तक करें इंतजार

rbi action

RBI Scheme: फिक्स्ड डिपॉजिट को बचत का बेहतरीन विकल्प माना जाता है। सुरक्षित होने के साथ-साथ अच्छा-खासा रिटर्न भी देता है। बेहतरीन रिटर्न के लिए लोग पोस्ट ऑफिस की योजनाओं में भी निवेश करते हैं। लेकिन हम आपको ऐसी योजना के बारे में बताने जा रहे हैं, जो एफडी और एनएफसी को इन दिनों को टक्कर दे रहा है। यहाँ बात रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड 2022 (RBI Floating Rates Savings Bonds 2022) की हो रही है।

आरबीआई की इस स्कीम में इन दिनों शानदार रिटर्न मिल रहा है। लेकिन आने वाले दिनों में इसके ब्याज दरों में इजाफा भी होने वाला है। पहली बार  आरबीआई बॉन्ड का इंटरेस्ट रेट 8 फीसदी से पार जा सकता है। फिलहाल, फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड में 7.35 फीसदी का ब्याज मिल रहा है। लेकिन 1 जुलाई  को इसके ब्याज दरों में बदलाव हो सकता है। बता दें कि हर 6 महीने पर केन्द्रीय बैंक बॉन्ड के इंटरेस्ट रेट में फेरबदल करता है। जिसके बाद ब्याज दर 8.05 फीसदी हो सकती है।

आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड का ब्याज तय नहीं होता है। इसका इंटरेस्ट रेट नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) से कनेक्टेड होता है, जो पोस्ट ऑफिस की खास योजनाओं में से एक है। एनएससी के इंटरेस्ट की समीक्षा हर तिमाही होती है, इसलिए बॉंडस में बदलाव भी उसी आधार पर होंगे। बॉन्ड में निवेशकों को एनएससी के मुकाबले 0.35 फीसदी ज्यादा ब्याज का लाभ मिलेगा।

वहीं सरकारी बैंकों की एफडी के मुकाबले फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड ज्यादा ब्याज ऑफर कर रहा है। सबसे बड़ा पब्लिक सेक्टर बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) समान्य ग्राहकों को अधिकतम 7.10 फीसदी ब्याज दे रहा है। अन्य पब्लिक सेक्टर बैंकों का भी यही हाल है। हालांकि कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक एफडी पर 9% तक ब्याज दे रहे हैं।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews