इन 5 बैंकों ने किया नियमों का उल्लंघन, RBI ने लिया एक्शन, ठोका लाखों का जुर्माना, ये है वजह

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RBI Action: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank Of India) नियमों को लेकर हमेशा सख्त रहता हैं। इस बात का अंदाजा आरबीआई के एक्शन से लगाया जा सकता है। पाँच सरकारी बैंकों पर केन्द्रीय बैंक का डंडा चला है। नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना ठोका गया है। सबसे ज्यादा जुर्माना गुजरात के सूरत नेशनल को-ऑपरेटिव बैंक पर लगाया गया है। पेनल्टी की राशि 6 लाख रुपये है। यह बैंक इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन से जुड़े एसएमएस और ईमेल अलर्ट पर रिप्लाइ देने कि सुविधा प्रदान नहीं कर पाया। वहीं दो बैंकों पर 2-2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सभी बैंकों पर बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 कि धारा 46 (4) (i) और 56 के साथ पठित धारा 47 ए (1) (सी) के तहत कार्रवाई कि गई है।

इन बैंकों पर लगा 2-2 लाख रुपये का जुर्माना

महिला सहकारी नागरिक बैंक लिमिटेड (भरूच, गुजरात) पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक ने अंतर-बैंक सकल और प्रतिपक्ष जोखिम सीमा का उल्लंघन किया। साथ ही निर्धारित समय पर खातों के झोंकहीं वर्गीकरण की समीक्षा नहीं कर कर पाया। वहीं वडनगर नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड (गुजरात) द्वारा स्वीकृत एक लोन में बैंक के निदेशकों में एक का रिश्तेदार गारंटर के रूप में पाया गया। इतना ही नहीं बैंक मैच्योर्ड टर्म डिपॉजिट पर मैच्योरिटी कि तारीख से उनके पुनर्भुगतान कि तारीख तक लागू दर पर ब्याज का भुगतान करने में विफल रहा। जिसके बाद आरबीआई ने कारण बताओ नोटिस जारी किया। और रिप्लाइ से असन्तुष्ट होकर मौद्रिक जुर्माना लगाया है।

इस बैंक पर लगा 3 लाख का जुर्माना

पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (ढोलका, गुजरात) बैंक मैच्योर्ड टर्म डिपॉजिट पर मैच्योरिटी कि तारीख से उनके पुनर्भुगतान कि तारीख तक लागू दर पर ब्याज का भुगतान नहीं कर पाया। साथ ही बैंक द्वारा स्वीकृत एक लोन में बैंक के निदेशकों में एक का रिश्तेदार गारंटर के रूप में पाया गया। इसलिए केन्द्रीय बैंक ने 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

इस बैंक पर लगा सबसे कम जुर्माना

छपी नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड (बनासकाँठा, गुजरात) पर आरबीआई ने 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस बैंक द्वारा स्वीकृत एक लोन में बैंक के निदेशकों में एक का रिश्तेदार गारंटर के रूप में पाया गया।

ग्राहकों पर पड़ेगा असर?

रिजर्व बैंक ने स्पष्ट कर दिया है कि इस कार्रवाई का असर ग्राहकों और बैंक के बीच हो रहे लेनदेन पर नहीं पड़ेगा। बैंकों के खामियों को मद्देनजर रखते हुए मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है।

Manisha Kumari Pandey
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