फिर चला RBI का डंडा, इन 5 बैंकों पर लगा जुर्माना, नियमों का उल्लंघन करने का आरोप, कहीं इनमें आपका खाता तो नहीं?

आरबीआई ने 5 बैंकों पर पेनल्टी ठोकी है। इनपर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है।
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RBI Action: भारतीय रिजर्व बैंक ने 5 सहकारी बैंकों के खिलाफ मौद्रिक जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया है। इन बैंकों पर  नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। इस बात की जानकारी आरबीआई ने 18 नवंबर सोमवार को दी है। इस लिस्ट में गुजरात से 3 और बिहार से 2 बैंक शामिल हैं।

बिहार में स्थित नवादा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर आरबीआई ने 1.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। द नेशनल सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बेतिया, बिहार पर 4.10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। द वेपर उद्योग विकास सहकारी बैंक लिमिटेड (दाहोद) पर 1.50 लाख का जुर्माना लगाया गया है। द मनसा नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड (गांधीनगर गुजरात) पर 50 हजार रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। एमएस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (वडोदरा, गुजरात) पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया है।

बिहार के दो बैंकों पर क्यों लगा जुर्माना? (RBI Monetary Penalty)

नवादा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड अपने उधारकर्ताओं की जानकारी चार सीआईसी में से किसी को भी प्रस्तुत करने में विफल रहा। 6 महीने में कम से कम एक बार खातों के जोखिम वर्गीकरण की आवधिक समीक्षा के लिए एक सिस्टम भी स्थापित नहीं कर पाया। नेशनल सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड निर्धारित समय के भीतर पात्र अघोषित राशि को जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष में ट्रांसफर नहीं कर पाया। उधारकर्ताओं की जानकारी सीआईसी को प्रस्तुत करने में विफल रहा। साथ ही कुछ ग्राहकों के कहते का जोखिम वर्गीकरण करने में भी विफल हुआ।

गुजरात के बैंकों पर इन नियमों का उल्लंघन करने का आरोप (Banking News)

  • द वेपर उद्योग विकास सहकारी बैंक लिमिटेड कुछ दिनों के लिए न्यूनतम सीआरआर बनाए रखने में विफल रहा है। कुछ ग्राहकों के केवाईसी का आवधिक अपडेट करने और 6 महीने में कम  से कम एक बार कुछ खातों के जोखिम वर्गीकरण की समीक्षा भी नहीं कर पाया।
  • मनसा नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड पर कुछ निश्चित अवधि जमा राशियों पर लागू ब्याज का भुगतान करने में विफल रहा, जो मैच्योरिटी के बाद और मैच्योरिटी की तारीख से पहले पुनर्भुगतान की तारीख तक दावा नहीं की गई थी।
  • एमएस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड सावधि जमा पर मैच्योरिटी की तिथि से लेकर उसके पुनर्भुगतान की तिथि पर बिना दावा किए रखा गया। कुछ उच्च जोखिम वाले ग्राहकों के केवाईसी का अपडेट करने में भी सफल रहा। इसके अलावा सावधि जमा से जुड़े अन्य नियमों का उल्लंघन भी किया।
Manisha Kumari Pandey
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