
RBI Action: नियमों का उल्लंघन करने पर भारतीय रिजर्व बैंक ने 6 बैंकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। देश के अलग-अलग राज्यों में इन सहकारी बैंकों पर आरबीआई ने भारी मौद्रिक जुर्माना लगाया है। इस लिस्ट में इस लिस्ट में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, गुजरात और ओडिशा के बैंक शामिल हैं।
आरबीआई ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में स्थित यूपी पोस्टल प्राइमरी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड और महोबा में स्थित महोबा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर जुर्माना लगाया है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिला सहकारी बैंक लिमिटेड के खिलाफ भी आरबीआई ने कार्रवाई की है। ओडिशा के कटक में स्थित द अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मणिपुर के द मणिपुर स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड और गुजरात के वलसाड जिले में स्थित वलसाड महिला नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड पर पेनल्टी लगाई है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने क्यों उठाया यह कदम? (Reserve Bank India)
- वलसाड महिला नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड आय मान्यता, परिसंपत्ति वर्गीकरण प्रावधान और अन्य संबंधित मामले, केवाईसी, क्रेडिट सूचना कंपनियों की सदस्यता और जमा खातों के रखरखाव से संबंधित कई निर्देशों का अनुपालन करने में विफल रहा। इसलिए इसपर 1.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
- द मणिपुर स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर आरबीआई ने 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह बैंक निर्धारित अवधि के भीतर कुछ गैर-बैंकिंग परिसंपत्तियों का निपटान करने और 4 क्रेडिट सूचना कंपनियों को ग्राहकों की क्रेडिट जानकारी रिपोर्ट करने में विफल रहा।
- कटक का द अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने निर्धारित अवधि के अनुसार अपने ग्राहकों के जोखिम वर्गीकरण की समीक्षा करने और ग्राहकों के केवाईसी की आवधिक अद्यतन करने में विफल रहा। साथ ही इंटर बैंक एक्स्पोज़र लिमिट का भी उल्लंघन किया। इसलिए आरबीआई ने इस पर डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
- महोबा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पात्र राशि को जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष में स्थानांतरित करने, कुछ ऋण खातों को गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों के रूप में वर्गीकृत करने और विवेकपूर्ण एकल उधारकर्ता जोखिम सीमा का पालन करने में विफल रहा। इसलिए बैंक पर 8 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है।
- उत्तरकाशी जिला सहकारी बैंक लिमिटेड पर आरबीआई ने 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस बैंक ने ऐसे व्यक्तियों को ऋण स्वीकृत किया, जिसमें उसका एक निदेशक ही गारंटर था। निर्धारित अवधि के भीतर जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष में पात्र हस्तांतरित करने में भी विफल रहा।
- यूपी पोस्टल प्राइमरी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड लखनऊ पर केंद्रीय बैंक ने 3 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई है। इस बैंक ने एएसएफ के निर्देशों का उल्लंघन किया। भारतीय स्टेट बैंक द्वारा दी जाने वाली ब्याज दरों की तुलना में जमा राशियों पर अधिक ब्याज प्रदान किया।
क्या ग्राहकों पर भी पड़ेगा असर? (RBI Monetary Penalty)
बैंकों के खिलाफ हुए इन कार्रवाई की जानकारी आरबीआई में प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है। नियमों के उल्लंघन का बैंक के वित्तीय स्थिति को लेकर किए गए वैधानिक निरीक्षण के दौरान हुआ। जिसके बाद इसके बाद केंद्रीय बैंक ने सभी बैंकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस पर आए जवाब और आगे की का जांच के बाद ही मौद्रिक जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया। ये कार्रवाई विनियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर सवाल उठाना नहीं है।
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