इन 5 बैंकों पर गिरी गाज, RBI ने ठोका लाखों का जुर्माना, नियमों की अनदेखी का आरोप, कहीं इनमें आपका खाता तो नहीं?

आरबीआई ने देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित 5 बैंकों पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है। इन पर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। आइए जानें केन्द्रीय बैंक ने यह कदम क्यों उठाया?
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RBI Action 2024: भारतीय रिजर्व बैंक ने पांच सहकारी बैंकों के खिलाफ एक्शन लिया है। नियमों की अनदेखी करने पर भारी मौद्रिक जुर्माना लगाया है। इस लिस्ट में शामिल सभी बैंक अलग-अलग राज्यों में स्थित हैं। कार्रवाई की जानकारी आरबीआई ने 30 दिसंबर को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।

प्राइम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड (सूरत गुजरात )पर आरबीआई ने 4 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। नियमों का उल्लंघन करने पर कोलिकाता महिला सहकारी बैंक लिमिटेड (पश्चिम बंगाल) पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यवतमाल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (महाराष्ट्र) पर 5 लाख रुपये का जुर्माना आरबीआई ने लगाया है। हरियाणा में स्थित कैथल सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 5 लाख रुपये पेनल्टी लगी है। सबसे अधिक जुर्माना पंजाब ग्रामीण बैंक कपूरथला पर लगा है, पेनल्टी की राशि 36.40 लाख रुपये है।

आरबीआई ने क्यों लगाया 36 लाख से अधिक का जुर्माना? (RBI Monetary Penalty)

पंजाब ग्रामीण बैंक ने निर्धारित समय के भीतर जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष में पात्र दावा ना की गई राशि को स्थानांतरित करने में विफल रहा। वैधानिक निरीक्षण के दौरान नियमों के अनुपालन में खामियों का खुलासा हुआ, जिसके बाद आरबीआई ने कारक बताओ नोटिस जारी किया था। आगे की जांच पूरी होने के बाद मौद्रिक जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया।

बैंकों ने किया इन नियमों का उल्लंघन (Bank News)

  • प्राइम को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ग्राहकों को एसएमएस, ईमेल और टोल फ्री नंबर के माध्यम से अधिक इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन की रिपोर्ट करने की सुविधा नहीं दे पाया। और वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान बैंक द्वारा भेजे गए एसएमएस और ईमेल अलर्ट का जवाब देने के लिए तत्काल प्रतिक्रिया विकल्प सक्षम करने में विफल रहा रहा। इसके अलावा आरबीआई द्वारा निर्धारित की गई साइबर सुरक्षा ढांचे के तहत कुछ साइबर सुरक्षा नियंत्रण उपायों को भी लागू नहीं कर पाया।
  • कोलिकाता महिला सहकारी बैंक लिमिटेड वित्त वर्ष 2022-23 के लिए ऑडिटर की रिपोर्ट के साथ अपने खाते और बैलेंस शीट को वित्त वर्ष 2023-24 की समाप्ति से 3 महीने की निर्धारित अवधि के भीतर आरबीआई को जमा करने में विफल रहा।
  • यवतमाल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने एसएएफ के तहत जारी निर्देशों का उल्लंघन करते हुए 100% से अधिक जोखिम भार वाले नए लोन और एडवांस मंजूर किए।  निर्धारित नियामक सीमा से अधिक नाम मात्र सदस्यों को लोन भी स्वीकृत किए।
  • कैथल सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड निर्धारित समय के भीतर जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष में पात्र दावा ना की गई राशि को स्थानांतरित नहीं कर पाया।
Manisha Kumari Pandey
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