एक्शन में RBI, इस बैंक का लाइसेंस रद्द, NBFC के तौर पर कारोबार की अनुमति, कहीं इसमें आपका खाता तो नहीं?

आरबीआई ने बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। 6 फरवरी से बैंकिंग व्यवसाय बंद हो चुका है। यह बैंक NBFC के तौर पर कारोबार जारी रख सकता है। आइए जानें इस कार्रवाई का ग्राहकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
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रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ग्राहकों के हित में हमेशा सख्त कदम उठाता रहता है। साल 2025 में अब तक 27 बैंकों पर जुर्माना लगा चुका है। 10 से एनबीएफसी का लाइसेंस रद्द कर चुका है। पिछले साल आरबीआई ने 12 बैंकों का लाइसेंस रद्द किया था। अब तमिलनाडु में स्थित कुड्डालोर और विल्लुपुरम DCCB कर्मचारी सहकारी बैंक लिमिटेड पर गाज गिरी है।

आरबीआई ने बैंक का लाइसेंस रद्द करते हुए 6 फरवरी 2025 से बैंकिंग कारोबार बंद करने का आदेश जारी किया है। इस बैंक को 21 मार्च 2020 को लाइसेंस जारी किया गया था।

नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी के रूप में कर सकता है काम

भारतीय रिजर्व ने  बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 56 के साथ धारा 36A(2) के अंतर्गत इस बैंक को एक गैर-बैंकिंग संस्थान के रूप में अधिसूचित करने का फैसला लिया है।इसे डिमांड डिपॉजिट स्वीकार करने की अनुमति नहीं होगी। डेबिट कार्ड पेमेंट, ऑनलाइन पेमेंट, कैश विथ्ड्रॉल इत्यादि सेवाएं भी नहीं दे पाएगा।

अनक्लेम्ड और अवनैतिक जमाराशि चुकानी होगी

आरबीआई नोटिस में कहा कि, “कुड्डालोर और विल्लुपुरम DCCB कर्मचारी सहकारी बैंक लिमिटेड बैंकिंग संस्थान के रूप में अधिसूचित होने के बाद भी जब भी मांग की जाती है उसके द्वारा रखे गए गैर-सदस्यों की अवनैतिक और दवा ना की गई जमाराशियों को चुकाना सुनिश्चित करना होगा।”

Manisha Kumari Pandey
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