बैंकिंग IT सेवाओं की आउटसोर्सिंग को लेकर RBI ने जारी किया निर्देश, 1 अक्टूबर से लागू होंगे नए नियम, पढ़ें पूरी खबर

rbi action

RBI News: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकिंग आईटी सेवाओं की आउटसोर्सिंग को लेकर दिशानिर्देश जारी किया है। निर्देश में सभी वित्तीय इकाइयों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है आईटी सेवाओं के परिचलन के लिए किसी बाहरी एजेंसी को जिम्मेदारी देने पर उनके दायित्वों और ग्राहकों के प्रति जिम्मेदारियों में कोई कमी ना आए। आरबीआई भी वित्तीय संस्थानों पर नजर भी बनाए रखेगा।

आईटी सेवाओं की आउटसोर्सिंग के जुड़े इन निर्देशों का पालन करने के लिए सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को 1 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। केन्द्रीय बैंक के निर्देशानुसार सभी बैंकों यह सुनिश्चित करना होगा कि आउटसोर्सिंग पर काम कर रही कंपनियां भी ऊंचे मानक का पालन करें। देश के अंदर और बाहरी दोनों ही सर्विस प्रवाइड करने वाली कंपनियों पर ये नियम लागू होंगे।

केन्द्रीय बैंक ने कहा कि रेगुलेटरी एंटीटीज अपने कारोबारी मॉडल और उत्पादों और सर्विसेज़ को सपोर्ट देने के लिए आईटी और आईटी एनेब्लड सर्विसेज़ को बड़े पैमाने पर ला रही है। आउटसोर्सिंग से इन एंटीटीज का ग्राहकों के प्रति दायित्व पर कोई असर ना हो और ना ही आरबीआई की निगरानी में कोई कमी हो। इस बात का ध्यान रखते हुए निर्देश जारी किया गया है।

आरबीआई ने सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को निर्देशों का अनुपालन करने के लिए 1 अक्टूबर, 2023 का समय दिया है। साथ ही सेंट्रल बैंक ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को आईटी सेवाओं की आउटसोर्सिंग की समीक्षा करने के लिए भी कहा है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews