
RBI Digital India Trust Agency: ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank Of India) नई योजना बना रहा है। जल्द ही डिजिटल इंडिया ट्रस्ट एजेंसी (DIGITA) की स्थापना हो सकती है। यह एजेंसी वैध लोन देने वाले एप्स (Illegal Lending Apps) की जांच करेगी।
कैसे काम करेगी एजेंसी?
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक डिजिटल इंडिया ट्रस्ट एजेंसी डिजिटल लोन देने वाले ऐप्स का सत्यापन करने में सक्षम होगा। साथ ही वेरीफाइड ऐप्स का पब्लिक रजिस्टर भी करेगा। जो भी लोन DIGITA द्वारा वेरीफाइड नहीं होंगे, उन्हें अनधिकृत माना जाएगा। फाइनेंशियल सेक्टर में काम करने वाली सभी कंपनियों की जांच यह एजेंसी करेगी और जांच की रिपोर्ट केन्द्रीय बैंक को देगी। इस एजेंसी के करिए डिजिटल लेंडिंग सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी। धोखाधड़ी के मामले भी कम होंगे।
गूगल पर उपलब्ध होंगे डिजिटा द्वारा वेरीफाइड लोन ऐप्स
गूगल प्ले स्टोर पर भी डिजिटा द्वारा वेरीफाइड ऐप्स मौजूद होंगे। पिछले कुछ वर्षों में फर्जी लोन ऐप्स से जुड़े फ्रॉड के मामले बढ़ रहे हैं। जिसे लेकर आरबीआई भी समय-समय पर एडवाइज़जी जारी करता रहता है। रिजर्व बैंक ने आईटी मंत्रालय को 442 ऐप्स की लिस्ट सौंपी है, जिनपर गूगल कार्रवाई करेगा। बता दें कि गूगल ने ऐप्स के प्रवर्तन से जुड़े पॉलिसी को अपडेट किया है, जिसके तहत प्ले स्टोर पर आरबीआई द्वारा मान्यता प्राप्त लोन ऐप्स की उपलब्ध होंगे।

