3 अगस्त से RBI MPC बैठक शुरू, महंगाई समेत कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा, रेपो रेट स्थित रहने के संकेत 

आरबीआई एमपीसी बैठक 3 अगस्त से शुरू होने वाली है। एसबीआई रिपोर्ट के मुताबिक इस बार भी सेंट्रल बैंक रेपो रेट बरकरार रखने का फैसला ले सकते हैं। इसके अलावा अन्य कई मुद्दों पर चर्चा होगी। 
RBI MPC Meeting 2026

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति (RBI MPC) की 3 दिवसीय बैठक 3 अगस्त से शुरू होने वाली है। रेपो रेट, मुद्रास्फीति समेत अर्थव्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। 5 अगस्त को आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा मीटिंग में लिये गए फैसलों की घोषणा करेंगे। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक इस बार भी आरबीआई रेपो रेट में कोई बदलाव न करने का फैसला ले सकता है।

आरबीआई एमपीसी बैठक जून 2026 में भी रेपो रेट में को बदलाव न करने का फैसला लिया गया था। वर्तमान में दरें 5.25% पर बरकरार है। रेपो रेट उतार-चढ़ाव का असर लोन के ब्याज दरों, ईएमआई और फिक्स्ड डिपॉजिट के इंटरेस्ट रेट पर पड़ता है। कमर्शियल बैंकों को बैंक सेंट्रल बैंक से फंड उधर लेने के लिए अधिक ब्याज देना पड़ता है, जिसके कारण व्हीकल, होम, पर्सनल और अन्य ऋणों की ब्याज दरें भी बढ़ती हैं।

जीडीपी ग्रोथ अनुमान में सुधार होने की उम्मीद

एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक आरबीआई वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान को बेहतर बना सकता है। जीडीपी ग्रोथ 7% से पर जा सकता है। पिछली तीन नीतियों में मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण 2027 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.9% से घटकर 6.6% कर दिया था।

CPI 5% से ऊपर होने की उम्मीद 

अगली दो तिमाहियों में खुदरा महंगाई दर 5% से पार और वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में खुदरा मुद्रास्फीति 5% होने का अनुमान है। आरबीआई इस बार भी सीपीआई महंगाई दर के अनुमान को बरकरार रखने का फैसला ले सकता है। एसबीआई ने यह उम्मीद जताई है कि सितंबर 2026 के आखिरी तक सरप्लस कोर लिक्विडिटी लगभग 9 लाख लाख रूपये तक पहुंच सकती है। एसबीआई ने AI बबल को बड़ी चेतावनी जताई है। मानसून और डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट पर भी केंद्रीय बैंक चर्चा करेगा।

एसबीआई की रिपोर्ट यहाँ देखें 

Manisha Kumari Pandey
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