1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे बल्क डिपॉजिट से जुड़े नए नियम, RBI का ऐलान, बैंकों को निर्देश जारी 

आरबीआई ने बल्क डिपॉजिट से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। बैंकों को प्रतिदिन दरों का खुलासा करने का निर्देश दिया है। बड़ी राशि पर अब अधिक लचीलापन मिलेगा। 
RBI new rules

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने बल्क डिपॉजिट या 3 करोड़ रुपये से अधिक जमा राशि से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। इससे संबंधित दिशानिर्देश 30 जुलाई को जारी किए गए हैं। अब रन ऑफ जोखिम के आधार अलग-अलग थोक जमा दरों को मंजूरी दी है। अब जमा राशि के मूल्य निर्धारण में अधिक लचीलापन मिलेगा।

नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले हैं। “आरबीआई (डिपॉजिट पर ब्याज दरें) संशोधित दिशानिर्देश 2026” पर नागरिकों और हितधारकों का फीडबैक 20 जून 2026 तक मांगा गया था। समीक्षा के बाद इसे प्रभावी करने का फैसला लिया गया है, जिसका पालन सभी कमर्शियल बैंकों को करना होगा। यह कदम बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 की धारा 35A और अन्य प्रावधानों के तहत उठाया गया है।

हर दिन करना होगा ब्याज दरों का खुलासा

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि जमा के लिए दी जाने वाली ब्याज दरें बैंक की वेबसाइट पर पहले से बताई गई ब्याज दरों की सूची के अनुसार ही होनी चाहिए। हालांकि बल्क जमा पर वाली ब्याज दरों को हर कामकाजी दिन सुबह 10:00 बजे बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर बताना होगा। जिसमें 10 मिनट की छूट भी होगी। मतलब बैंकों के लिए सुबह 10:10 बजे तक ब्याज दरों का खुलासा करना अब अनिवार्य होगा।”

सभी शाखाओं पर ब्याज दरें समान हो 

भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने के दिए हैं कि सभी शाखों और सभी ग्राहकों के लिए बल्क डिपॉजिट की ब्याज दरें समान हो। बैंक के किसी भी कार्यालय में एक ही तारीख को स्वीकार की गई समान राशि वाली जमा के ब्याज के भुगतान मामले में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।

LCR फ्रेमवर्क में भी बदलाव 

बैंक ने डॉमेस्टिक रूपी डिपॉजिट के लिए “लिक्विडिटी कवरेज रेशियो फ्रेमवर्क” में भी बदलाव किए हैं। बैंकों को एनसीआर ढांचे के तहत जमा या सुरक्षित थोक फंडिंग पर लागू अलग-अलग रन-ऑफ दर को ध्यान में रखते हुए बल्क जमा पर अलग-अलग ब्याज दर पेश करने की छूट दी गई है। यह बदलाव नॉन रेजिडेंट डिपॉजिट पर भी लागू होगा।

Manisha Kumari Pandey
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