वरिष्ठ नागरिकों को बैंकों में मिलेंगी कई खास सुविधाएं, जानें RBI का नियम

वरिष्ठ नागरिकों को बैंकों में मिलेंगी कई खास सुविधाएं, जानें RBI का नियम

Banking Rules For Senior Citizens: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के मुताबिक देश के सभी बैंक वरिष्ठ नागरिकों को कुछ खास सुविधाएं देते हैं। ताकि उन्हें बैंकिंग संबंधित किसी कार्य में कोई समस्या ना हो। यदि आपकी उम्र 70 साल से अधिक है। तो आप घर पर ही कुछ बेसिक बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम भी बैंकों में चलाई जाती है। जिसके तहत बैंकों में वरिष्ठ नागरिकों को अकाउंट खुलवाने से लेकर अकाउंट क्लोजिंग से जुड़ी कई सुविधाएं मिलती हैं।

वरिष्ठ नागरिक खाते का संचालन

बैंकों के रिकॉर्ड में उपलब्ध जन्म तिथि के आधार पर बैंकों को केवाईसी अनुपालन खाते को “सीनियर सिटीजन अकाउंट” के रूप में बदलना पड़ता है। इससे वरिष्ट नागरिकों को ही राहत मिलती है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए काउन्टर

आरबीआई के नियमों के मुताबिक सभी बैंकों को वरिष्ट नागरिकों को समर्पित काउन्टर भी उपलब्ध करवाने होते हैं। यहाँ वरिष्ट नागरिकों की जरूरतों का खास ख्याल रखा जाता है। ये सारी सुविधाएं केन्द्रीय बैंकों सीनियर सिटीजंस के लिए बैंकिंग को और भी आसान बनाने के लिए चलाता है। कोई भी दुर्व्यवहार होने पर ग्राहक शिकायत दर्ज भी करवा सकते हैं। इसके अलावा बैंकों को डोरस्टेप स्टेप सर्विस देने की सलाह भी सेंट्रल बैंक ने दी है।

सुविधाओं को लेकर ऐसे दे फ़ीडबैक

इस सुविधाओं से जुड़ा फ़ीडबैक ग्राहक ग्राहक rbikehtahai.@rbi.org.in पर साझा कर सकते हैं। वहीं सुविधाओं के ज़्उडू जानकारी के लिए 14440 पर मिस कॉल या www.rbi.org।

in/seniorcitizens पर मेल भी कर सकते हैं।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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