September Bank Holidays 2023 : सभी बैंक यूजर्स के लिए महत्वपूर्ण खबर है। अगर बैंक संबंधित कोई भी काम है तो फटापट पूरा कर लीजिए, क्योंकि 17 सितंबर से 29 सितंबर के बीच कई दिन बैंक बंद रहेंगे। इसमें शनिवार रविवार की छुट्टियां शामिल है। इससे कस्टमर्स के बैंकों से जुड़े कामों पर असर पड़ सकता है, हाालंकि ऑनलाइन सेवाएं सेवाएं जारी रहेगी, लेकिन चेकबुक-पासबुक के काम प्रभावित हो सकते है।
आरबीआई के लिस्ट के मुताबिक, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में 22 से 24 सितंबर तक लगातार 3 दिन बैंक बंद रहेंगे। 22 सितंबर को श्री नारायण गुरु समाधि दिवस पर बैंक बंद रहेंगे। वहीं 23 सितंबर चौथा शनिवार और 24 सितंबर को रविवार है। बैंक बंद रहने के बावजूद ग्राहक कई तरह के कामकाज डिजिटली निपटा सकते हैं।
ये ऑनलाइन सेवाएं रहेंगी जारी
- यूपीआई (UPI), मोबाइल बैंकिंग (Mobile Banking), इंटरनेट बैंकिंग (Internet Banking) जैसी डिजिटल सेवाओं (Digital Banking) पर बैंक हॉलीडे का कोई असर नहीं होता है।
- UPI के द्वारा भी पैसे ट्रांसफर किए जा सकते हैं, वहीं कैश विड्रॉल के लिए आप एटीएम का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- नेट बैंकिंग (Net Banking), एटीएम (ATM), डिजिटल पेमेंट के जरिए भी अपने काम कर सकते हैं।
क्रेडिट, डेबिट कार्ड का भी आसानी से यूज कर सकते हैं। - पैसों को आप एक खाते से दूसरे खाते में नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग के जरिए ट्रांसफर कर सकते हैं।
जानिए सितंबर में कब कब बंद रहेंगे बैंक
- 17 सितंबर, 2023- रविवार के कारण पूरे देश में बैंक बंद
- 18 सितंबर, सोमवार – वरसिद्धि विनायक व्रत/विनायक चतुर्थी
- 19 सितंबर, मंगलवार- गणेश चतुर्थी/संवत्सरी (चतुर्थी पक्ष)
- 20 सितंबर, बुधवार – गणेश चतुर्थी (दूसरा दिन)/नुआखाई
- 22 सितंबर, शुक्रवार- श्री नारायण गुरु समाधि दिवस
- 23 सितंबर, शनिवार- महाराजा हरि सिंह जी का जन्मदिवस
- 24 सितंबर, 2023- रविवार के कारण बैंक बंद
- 25 सितंबर, सोमवार – श्रीमंत शंकरदेव का जन्मोत्सव
- 27 सितंबर, बुधवार – मिलाद-ए-शेरिफ़ (पैगंबर मुहम्मद का जन्मदिन)
- 28 सितंबर, गुरुवार – ईद-ए-मिलाद/ईद-ए-मीलादुन्नबी – (पैगंबर मोहम्मद का जन्मदिन) (बरा वफ़ात)
- 29 सितंबर, शुक्रवार- ईद-ए-मिलाद-उल-नबी के बाद इंद्रजात्रा
लेखक के बारे में
Pooja Khodani
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.
खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते।
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