Success Story: पहले सिर दर्द दूर करने के लिए पिया जाता था Coca-Cola, आज सॉफ्ट ड्रिंक मार्केट में है दबदबा

पेम्बर्टन ने अपने विशिष्ट मिश्रण को सोडा के साथ मिलाया। जिसके बाद इसे दुकान में बेचने का प्रयास किया। लोगों ने इस ड्रिंक को पसंद भी किया। उसके अगले वर्ष एसा सींगलर ने पेम्बर्टन की संपत्ति खरीदी और कोका-कोला कंपनी का निर्माण किया।
Success Story: पहले सिर दर्द दूर करने के लिए पिया जाता था Coca-Cola, आज सॉफ्ट ड्रिंक मार्केट में है दबदबा

Success Story Coca-Cola : कोका-कोला की शुरुआत की कहानी काफी ज्यादा दिलचस्प रही है। बता दें कि इसे सबसे पहले साल 1886 में अमेरिकी जॉन स्टिथ पेम्बर्टन नामक एक फार्मेसिस्ट ने की थी। पेम्बर्टन एक वैज्ञानिक थे। जिन्होंने यह खास मिश्रण बनाया था ताकि लोगों के सिर दर्द को दूर किया जा सके। दरअसल, अमेरिका में गृहयुद्ध के समय फौजी जॉन पेम्बर्टन (John Pemberton) एक वैद्यकीय अधिकारी थे। इस दौरान वह गंभीर रुप से घायल हो गए थे। इस दर्द से राहत पाने के लिए उन्होंने ड्रग्स का सेवन शुरू कर दिया। जिसे दूर करने के लिए उन्होंने कोका-कोला बनाया।

पहले दिन हुई लोकप्रिय

पेम्बर्टन ने अपने विशिष्ट मिश्रण को सोडा के साथ मिलाया। जिसके बाद इसे दुकान में बेचने का प्रयास किया। लोगों ने इस ड्रिंक को पसंद भी किया। उसके अगले वर्ष एसा सींगलर ने पेम्बर्टन की संपत्ति खरीदी और कोका-कोला कंपनी का निर्माण किया, जिसने इसे एक अलग पहचान दी। कोका-कोला का उद्घाटन 8 मई 1886 को जैकब फार्मेसी में हुआ था, जिसमें फ्रैंक और फॉर्मेसिस्ट डॉ. जॉन स्टिथ पेम्बर्टन शामिल थे। इस ड्रिंक में कोरा अखरोट, कोका पत्तियों और कैफीन सिरप था। यह ड्रिंक पहले दिन से ही लोकप्रिय हो गई, लेकिन पहले साल में उसे अधिक सफलता नहीं मिली।

हुआ था नुकसान

पहले साल में कोका-कोला की बिक्री में नुकसान होने के बावजूद कंपनी ने हार नहीं मानी। बता दें कि इसमें लगभग 70 डॉलर से अधिक की लागत थी, जिसमें सिर्फ 50 डॉलर की कमाई हुई थी। वहीं, साल 1887 में आसा ग्रिग्स कैंडलर ने कोका-कोला की फार्मूले को 2,300 डॉलर की कीमत में खरीदा था। उन्होंने इसे व्यापार को बढ़ाने के लिए कई नए उपाय अपनाएं। इस दौरान उन्होंने ड्रिंक को मुफ्त में बांटा। इस स्ट्रैटेजी ने लोगों को इस ड्रिंक की लत लगाई। जिस कारण और भी जल्दी कोका-कोला की पॉपुलैरिटी बढ़ी। इस पहल ने इसे विश्वस्तरीय ब्रांड बना दिया। दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान कोका-कोला का महत्वपूर्ण योगदान रहा है जब अमेरिकी सैनिकों को विदेशों में भेजा गया था। इस समय कोका-कोला के अध्यक्ष रॉबर्ट वुड्रफ ने यह निर्णय लिया कि कंपनी अपनी बोतलों को सैनिकों को पांच सेंट में प्रदान करेगी, जबकि सामान्य लोगों को वह पांच सेंट में मिलती थी। इस निर्णय से कोका-कोला ने सैनिकों की पसंद और सम्मान जीता।

विश्वभर में पसंदीदा ड्रिंक

कोका-कोला ने अपने अभियानों के माध्यम से साल 1890 तक अमेरिका की सबसे लोकप्रिय ड्रिंक के रुप में पहचान बना ली थी। उस समय कोका-कोला को सिर दर्द की दवा और थकावट को दूर करने के लिए भी जानते थे। आज कोका-कोला विश्वभर में सबसे पसंदीदा ड्रिंक बन चुकी है, जिसकी बोतलें रोजाना करीब दो अरब से भी अधिक बिकती हैं।

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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