5 लाख के निवेश पर जिंदगी भर मिलेगी मोटी पेंशन, टाटा का ये प्लान करेगा मदद, बचेगा टैक्स, जरूरत पड़ने पर मिलेगा लोन, जानें डीटेल

Pension plan

Pension Plan: रिटायरमेंट जीवन की एक नई शुरुआत होती है। यह समय जीवन का मजा लेने का होता है। सही प्लानिंग करके के कोई भी भी व्यक्ति अपने बुढ़ापे में भी वर्तमान जैसे जीवन जी सकता है। उन्हें रिटायरमेंट के बाद कोई कॉम्प्रमाइज़ करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। आपका गोल्डन एज सुख के साथ बीतेगा और रेगुलर इनकम मिलती रहेगी। मार्केट में अनेकों पेंशन प्लांस उपलब्ध हैं, जो ज्यादा रिटर्न की गारंटी के साथ-साथ बीमा, डेथ बेनेफिट, टैक्स बेनेफिट और लोन की सुविधा प्रदान करता है। ऐसे ही योजनाओं में से एक टाटा एआईए लाइफ फॉर्चून गरंटिड प्लान है।

प्लान के फीचर्स

इस एक एनुइटि प्लान है,इसमें Deffered और Immediate दोनों प्रकार के एनुइटि का विकल्प मिलता है। प्लान के तहत गरंटिड एडिशन का लाभ भी मिलता है। निवेश एडवांस में भी एनुइटि पेआउट का लाभ उठा सकते हैं। पॉलिसी खरीदने के 6 महीने बाद वाइन्ट लाइफ ऑप्शन के तहत लोन के भी अप्लाई कर सकते हैं। ज्वाइंट लाइफ के तहत पॉलिसिहोल्डर के बाद प्लान का लाभ नॉमिनी या जीवनसाथी को मिलता है। इसमें वार्षिक/मंथली/छमाही और अर्द्ध वार्षिक पेंशन का लाभ उठाया जा सकता है। इनकम टैक्स के कानून विनियमन के तहत टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है।

ये रहा कैलकुलेशन 

यदि कोई व्यक्ति 45 वर्ष की उम्र में डिफर्ड लाइफ एनुइटि (जीए-I) के तहत रिटर्न प्राइस के साथ निवेश शुरू करता है। 7 वर्षों के लिए 5 लाख का निवेश करता है तो 8वें साल में पेंशन यानि एनुइटि इनकम मिलने लगती है। इसकी राशि 2,61,030 रुपये प्रति वर्ष यानि हर महीने करीब 21 हजार रुपये पेंशन का लाभ मिलता है। वहीं डिफर्ड लाइफ एनुइटि (जीए-II) के तहत यदि कोई व्यक्ति 50 वर्ष के उम्र में निवेश शुरू करता है। 10 वर्षों के लिए 5 लाख रुपये जमा करता है तो उसे रिटायरमेंट के उम्र तक सालाना 4,06,100 रुपये यानि हर महीने करीब 34 हजार रुपये की पेंशन मिलेगी।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है। MP Breaking News किसी भी स्कीम या प्लान में निवेश करने की सलाह नहीं देता।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews