देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने किया Loan के ब्याज दरों में बदलाव, बढ़ाया MCLR, यहाँ जानें डिटेल  

एचडीएफसी बैंक ने कुछ टेन्योर के लिए एमसीएलआर दरों में बदलाव किया है। लोन की दरें 9.20% से लेकर 9.45% है। इसका प्रभाव ईएमआई पर भी पड़ सकता है।
bank loan

भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कटौती करके आमजन को राहत दी है। वहीं देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक HDFC बैंक ने लोन (Loan Rates) के ब्याज दरों में बदलाव कर दिया है। ओवरनाइट टेन्योर के लिए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग (MCLR) में 5 बेसिस प्वाइंट्स का इजाफा किया है।

एमसीएलआर में वृद्धि के बाद दरें 9.15% से बढ़कर 9.20% हो गया है। नए रेट 7 फरवरी 2025 से प्रभावी हैं। बाकी सभी टेन्योर के लिए एमसीएलआर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसकी रेंज अब 9.20% से 9.45% है।

क्या है एमसीएलआर?

बता दें कि एमसीएलआर लोन के लिए न्यूनतम ब्याज दर होता है, जो बैंक लगाते हैं। इसमें संशोधन होने से ईएमआई और लोन की दरें प्रभावित होती हैं। एमसीएलआर में इजाफा होने से पर्सनल लोन, होम लोन, व्हीकल लोन, बिजनेस लोन इत्यादि महंगा होता है।

कितनी हैं लोन की दरें?

ओवरनाइट के लिए एमसीएलआर 9.20% है। 1 महीने के लिए भी दरें 9.20% है। 3 महीने के लिए दरें 9.30% और 6 महीने के लिए 9.40% हैं। एक साल के लिए ब्याज 9.40%, 2 साल के लिए 9.45% और 3 साल के लिए एमसीएलयात 9.45% है।

एफडी पर मिल रहा कितना रिटर्न?

  • 7 से 14 दिन- 3%
  • 15 से 29 दिन- 3%
  • 30 से 45 दिन- 3.50%
  • 46 से 60 दिन- 4.50%
  • 61 से 90 दिन- 4.50%
  • 90 दिन से लेकर 6 महीने से कम- 4.50%
  • 6 महीने 1 दिन से लेकर 9 महीने तक- 5.75%
  • 9 महीने 1 दिन से लेकर 1 साल से कम- 6%
  • 1 साल से लेकर 15 महीने से कम- 6.7%
  • 15 महीने से लेकर 18 महीने से कम- 7.10%
  • 18 महीने से लेकर 21 महीने से कम- 7.25%
  • 2 साल 1 दिन से लेकर 2 साल लेकर 11 महीने से कम- 7%
  • 2 साल 11 महीने से लेकर 35 महीने तक- 7.35%
  • 2 साल 11 महीने 1 दिन से लेकर 3 साल तक- 7%
  • 3 साल 1 दिन से लेकर 4 साल 7 महीने से कम- 7%
  • 4 साल 7 महीने से लेकर- 55 महीने तक- 7.40%
  • 4 साल 7 महीने 1 दिन से लेकर 5 साल तक- 7%
  • 5 साल 1 दिन से लेकर 10 साल तक- 7%
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews