शादी डॉट कॉम से अब तक करा चुके हैं लाखों शादियां, पढ़ें अनुपम मित्तल की Success Story

शादी डॉट कॉम से अब तक करा चुके हैं लाखों शादियां, पढ़ें अनुपम मित्तल की Success Story

Anupam Mittal Success Story : आत्मनिर्भर इंडिया को अब नए रूप में देखा जाता है। यहां हर कोई खुद का स्टार्टअप शुरू करके आज देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है। ऐसी ही एक कहानी आज हम आपको अनुपम मित्तल के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने सबसे पुण्य काम करवाने के साथ ही अपना एक बड़ा बिजनेस बना लिया है। जिन्हें भारत का सबसे बड़ा बिचौलिया भी कहा जाता है। उनके नाम अब तक 5 करोड़ शादी करवाने का रिकॉर्ड है। आइए जानते हैं अनुपम मित्तल की सक्सेस स्टोरी…

शार्क टैंक इंडिया में आ रहे नजर

बता दें कि अनुपम shaadi.com के फाउंडर है, जिन्होंने अब इस बिजनेस से खुद को इतना सक्सेसफुल कर लिया है कि अब वह कई बड़ी कंपनियों में हिस्सेदार भी बन चुके हैं। उनकी अपनी कंपनी की वैल्यूएशन 2,500 करोड रुपए है। फिलहाल, इन दिनों वे शार्क टैंक इंडिया में जज के रूप में नजर आ रहे हैं जो एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां पर बिजनेसमैन या नए बिजनेस शुरू करने वाले फाउंडर्स पहुंचते हैं और अपनी डिमांड रखते हुए उनका मार्गदर्शन पाना चाहते हैं।

अनुपम मित्तल की नेटवर्थ

वहीं, अनुपम मित्तल के बिजनेस की बात करें तो shaadi.com से अब तक 5 करोड़ रिश्ते जोड़े जा चुके हैं। उनके टक्कर का अब तक कोई नहीं बन पाया है। बता दें कि उनकी साइट भरोसेमंद है। यह साइट लोगों के लिए अफॉर्डेबल है। इसलिए लोग इस साइट पर बहुत ज्यादा विश्वास करने लगे हैं। हालांकि, अनुपम मित्तल की नेटवर्थ के बारे में कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे 185 करोड रुपए की संपत्ति के मालिक हैं और इन दिनों वह साउथ मुंबई के पास इलाके में रहते हैं।

मुंबई में हुआ था अनुपम मित्तल

अनुपम मित्तल का जन्म मुंबई में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा की शुरुआत जय हिंद कॉलेज से की, जहां से उन्होंने अपनी स्नातक की डिग्री पूरी की। जिसके बाद उन्होंने यूनाइटेड स्टेट्स के बॉस्टन कॉलेज से ऑपरेशंस एंड स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट में एमबीए की डिग्री हासिल की। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अमेरिका में एक प्रोडक्ट मैनेजर की नौकरी शुरू की। हालांकि, अनुपम ने अमेरिका छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया।

अमेरिका से लौटे वापस

भारत लौटने के बाद अनुपम ने अपने पिताजी के ऑफिस में वेब डेवलपमेंट का काम करना शुरू किया। इस समय अनुपम की उम्र 25 वर्ष थी और उन्होंने अपने करियर में नया मोड़ लिया। दरअसल, वह एक ट्रेडिशनल बिचौलिये की नजर में चढ़ गए थे, जिसने उनकी जिंदगी बदल कर रख दी। तभी उन्हें यह आइडिया आया कि शादी के लिए लोगों के पास ज्यादा चॉइस नहीं होता। इस कारण उन्हें कुछ विकल्पों में से एक को चुनना पड़ता है, तो क्यों न लोगों को चॉइस दी जाए। तब उन्होंने 1996 में sagai.com वेबसाइट की शुरुआत की थी लेकिन वह इसमें पूरा समय नहीं दे पाए और धीरे-धीरे या वेबसाइट आर्थिक संकटों से घिर गई, लेकिन तभी अनुपम ने एक साइट देखी, जिसमें बहुत से अमेरिकी लोग पार्टनर ढूंढ रहे थे और उन्होंने इस बिजनेस पर ध्यान देना शुरू कर दिया।

हालांकि, उस वक्त इंडिया में काफी कम यूजर्स इंटरनेट यूज करते थे। इसलिए उन्होंने पहले अमेरिकी मार्केट को टारगेट किया। इसके बाद धीरे-धीरे उनका मार्केट बड़ा होता गया। फिर इस पोर्टल का नाम उन्होंने बदलकर shaadi.com कर दिया। इस तरह साल 2008 में इस पोर्टल के पास 1 करोड़ से अधिक यूजर थे और तब तक 10 लाख लोगों की शादी भी हो चुकी थी। उस समय यह पोर्टल काफी चर्चा का विषय बन चुका था। धीरे-धीरे इस कंपनी की रीच बढ़ती गई और 2015 तक भारत के 70 जगह पर शादी सेंटर खुल चुके थे क्योंकि यह पोर्टल ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों पर काम कर रहा था।

अब तक बनाए जा चुके हैं 123 शादी सेंटर

मित्तल ने 2016 में थ्रिल ग्रुप में 25% हिस्सेदारी खरीद ली और 2019 तक shaadi.com ने 15 लाख यूजर्स को अपने साथ जोड़ लिया। बता दें कि यहां पर 1 दिन में 12,000 से अधिक साइनअप हुए थे और तब यह पोर्टल मार्केट में 40% हिस्सेदारी बना चुका था। वहीं, वर्तमान समय की बात करें, तो इंडिया के 72 शहरों में अब तक 123 शादी सेंटर बनाए जा चुके हैं।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
Sanjucta Pandit

सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
Follow Us :GoogleNews