
इस हफ्ते शेयर बाजार की दिशा कई बड़े कारकों पर निर्भर करेगी। सबसे अहम होंगे बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे, जिनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। सोमवार, 21 जुलाई को निवेशक इन कंपनियों के Q1 (अप्रैल-जून 2025) के नतीजों पर अपनी शुरुआती प्रतिक्रिया देंगे।
रिलायंस ने शुक्रवार को अपनी पहली तिमाही के शानदार नतीजे घोषित किए। कंपनी ने अब तक का सबसे ज्यादा 26,994 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 78.3% ज्यादा है। इससे बाजार में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं।
Infosys, Bajaj Finance समेत कई दिग्गजों के आएंगे नतीजे
रिलायंस के अलावा इस हफ्ते इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, नेस्ले इंडिया, और डॉ. रेड्डी लैब्स जैसी कंपनियों के भी तिमाही नतीजे आने वाले हैं। इन कंपनियों के प्रदर्शन से आईटी, फार्मा और फाइनेंशियल सेक्टर में निवेशकों का रुझान बदल सकता है। ब्रोकिंग फर्म रेलिगेयर के रिसर्च हेड अजित मिश्रा का कहना है कि अभी बाजार में हर किसी की नजर तिमाही नतीजों के सीजन पर है। यह हफ्ता निवेशकों के लिए काफी अहम रहेगा, क्योंकि कंपनियों की कमाई से ही यह तय होगा कि बाजार ऊपर जाएगा या नीचे।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील और विदेशी निवेशक होंगे अहम
इस हफ्ते भारत और अमेरिका के बीच संभावित ट्रेड डील भी निवेशकों के मूड को प्रभावित कर सकती है। 1 अगस्त की टैरिफ डेडलाइन से पहले इस समझौते को लेकर उम्मीदें बनी हुई हैं, लेकिन जब तक कोई ठोस घोषणा नहीं होती, निवेशक सतर्क बने रह सकते हैं। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के अनुसार, ट्रेड डील में देरी और अनिश्चितता की वजह से कई निवेशक बाजार से फिलहाल दूरी बनाए हुए हैं। ऐसे में अगर कोई सकारात्मक खबर आती है, तो बाजार में तेजी देखी जा सकती है।
पिछला हफ्ता रहा कमजोर, अब नजर ग्लोबल संकेतों पर
पिछले हफ्ते बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 742.74 अंक यानी 0.90% टूट गया था, जबकि निफ्टी में 181.45 अंकों यानी 0.72% की गिरावट आई थी। इस हफ्ते बाजार की चाल डॉलर-रुपया की स्थिति, क्रूड ऑयल की कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के मूवमेंट पर भी निर्भर करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ग्लोबल संकेत सकारात्मक रहते हैं और कंपनियों के नतीजे बेहतर आते हैं, तो बाजार में तेजी लौट सकती है। लेकिन अगर ट्रेड डील में देरी या कोई नकारात्मक खबर आती है, तो बाजार फिर से गिरावट की ओर जा सकता है।
