
आज के दौर में भारतीयों के लिए आधार कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है।यह भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा जारी किया जाता है।यह 12 अंकों का नंबर एक मल्टीफंक्शनल डॉक्यूमेंट होता है, जिसमें आपका एड्रेस, जन्म तिथि और अन्य डिटेल रहती है, जिसे समय समय पर अपडेट कराना आवश्यक होता है।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईएडीआई) ने आधार को अपडेट कराने की डेडलाइन 14 जून 2026 तय की है। वही जिन बच्चों की उम्र 5 से 7 साल के बीच है और जो अभिभावक अबतक अपने बच्चों का आधार में बायोमेट्रिक डिटेल्स अपडेट नहीं करा पाए हैं, ऐसे पेरेंट्स से यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने अपील की है कि वे बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट समय पर पूरा करें।
आधार बायोमेट्रिक्स अपडेट करना जरूरी
- यूआईडीएआई ने उन बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) पूरा करने पर बल दिया है, जो सात वर्ष के हो चुके हैं, लेकिन अभी तक आधार में अपने बायोमेट्रिक्स अपडेट नहीं किए हैं।
- यह आधार के अंतर्गत आवश्यक है और माता-पिता या अभिभावक किसी भी आधार सेवा केंद्र या निर्दिष्ट आधार केंद्र पर अपने बच्चे का विवरण अपडेट कर सकते हैं।
- स्कूल में प्रवेश, प्रवेश परीक्षाओं के लिए पंजीकरण, छात्रवृत्ति का लाभ उठाने, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाने में आधार के निर्बाध उपयोग को सुनिश्चित करता है।
- माता-पिता/अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बच्चों/आश्रितों के बायोमेट्रिक्स को आधार में प्राथमिकता के आधार पर अपडेट करें।
5 से 7 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए निःशुल्क
- 5 वर्ष से कम आयु का बच्चा फोटोग्राफ, नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता और प्रमाण के दस्तावेज़ प्रदान करके आधार के लिए नामांकन करा सकता है।
- पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों के आधार नामांकन के लिए उनके फिंगरप्रिंट और आईरिस बायोमेट्रिक्स नहीं लिए जाते क्योंकि उस आयु तक वे परिपक्व नहीं होते।
- इसलिए वर्त्तमान नियमों के अनुसार बच्चे के पाँच वर्ष की आयु पूरी होने पर उसके आधार में फिंगरप्रिंट, आईरिस और फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से अपडेट किए जाने चाहिए। इसे पहला अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) कहा जाता है।
- यदि बच्चा पाँच से सात वर्ष की आयु के बीच एमबीयू करवाता है, तो यह निःशुल्क है। लेकिन सात वर्ष की आयु के बाद, केवल 100 रुपये का निर्धारित शुल्क है।यदि 7 वर्ष की आयु के बाद भी एमबीयू पूरा नहीं किया जाता है, तो वर्त्तमान नियमों के अनुसार आधार संख्या निष्क्रिय की जा सकती है।
लेखक के बारे में
Pooja Khodani
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.
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