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Budget 2026: पिछले बजट में रक्षा-रेलवे को मिले थे लाखों करोड़, जानिए इस बार किन सेक्टरों पर बढ़ सकता है आवंटन

Written by:Rishabh Namdev
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जल्द ही आम बजट 2026 पेश करेंगी। इस बजट से पहले यह जानना महत्वपूर्ण है कि पिछले साल सरकार ने किन क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया था और इस बार क्या उम्मीदें हैं। पिछले बजट में रक्षा, सड़क और रेलवे जैसे क्षेत्रों को भारी-भरकम फंड मिला था।
Budget 2026: पिछले बजट में रक्षा-रेलवे को मिले थे लाखों करोड़, जानिए इस बार किन सेक्टरों पर बढ़ सकता है आवंटन

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जल्द ही आम बजट 2026 पेश करने वाली हैं। नए बजट को लेकर देशभर में चर्चाएं तेज हो गई हैं और हर वर्ग को इससे काफी उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि यह बजट पिछले साल की आर्थिक नीतियों को आगे बढ़ाते हुए ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को गति देगा।

साल 2025 का बजट इस मायने में ऐतिहासिक था कि देश का कुल बजट पहली बार 50 लाख करोड़ रुपये के विशाल आंकड़े को पार कर गया था। उस बजट में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, किसान, युवा और महिलाओं समेत कई अहम क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया था। अब सबकी निगाहें बजट 2026 पर टिकी हैं।

रक्षा, सड़क और रेलवे पर रहेगा फोकस

सरकार ने पिछले बजट में देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रक्षा क्षेत्र को 6.81 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम आवंटन किया था। मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए उम्मीद है कि इस बार रक्षा बजट में और बढ़ोतरी की जाएगी ताकि सेना का आधुनिकीकरण किया जा सके।

इसी तरह, इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को 2.87 लाख करोड़ रुपये मिले थे। देश में बेहतर सड़क नेटवर्क स्थापित करने के लिए इस बार भी इस क्षेत्र को अधिक बजट मिलने की पूरी संभावना है। वहीं, रेलवे के कायाकल्प के लिए पिछले बजट में 2.55 लाख करोड़ रुपये आवंटित हुए थे।

ग्रामीण विकास और शिक्षा पर बढ़ सकता है खर्च

सरकार ने ग्रामीण भारत के विकास के लिए भी अपनी प्रतिबद्धता दिखाई थी। पिछले बजट में ग्रामीण विकास मंत्रालय को 1.90 लाख करोड़ रुपये दिए गए थे। उम्मीद है कि बजट 2026 में इस राशि को और बढ़ाया जाएगा, जिससे ग्रामीण रोजगार योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी।

शिक्षा क्षेत्र को पिछले साल 1.37 लाख करोड़ रुपये का बजट मिला था। इस बार शिक्षा व्यवस्था को और आधुनिक बनाने, विश्वविद्यालयों में अनुसंधान को बढ़ावा देने और स्किल डेवलपमेंट पर जोर देने के लिए आवंटन में वृद्धि की उम्मीद की जा रही है।