UPI अब चलेगा दुनिया भर में? Alipay+ से जोड़ने की तैयारी, 15 करोड़ विदेशी मर्चेंट्स पर पेमेंट होगा आसान

भारत सरकार यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को वैश्विक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा सकती है। सिंगापुर स्थित फिनटेक कंपनी एंट इंटरनेशनल के Alipay+ प्लेटफॉर्म से UPI को जोड़ने पर बातचीत चल रही है, जिससे भारतीय विदेश में आसानी से भुगतान कर सकेंगे।
UPI अब चलेगा दुनिया भर में? Alipay+ से जोड़ने की तैयारी, 15 करोड़ विदेशी मर्चेंट्स पर पेमेंट होगा आसान

भारत के बेहद सफल डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI का डंका जल्द ही पूरी दुनिया में बज सकता है। सरकार UPI को सिंगापुर स्थित फिनटेक कंपनी एंट इंटरनेशनल के प्लेटफॉर्म Alipay+ के साथ जोड़ने की संभावना तलाश रही है। अगर यह बातचीत सफल होती है, तो विदेश यात्रा करने वाले भारतीय करोड़ों दुकानों पर आसानी से UPI के जरिए भुगतान कर पाएंगे।

यह कदम डिजिटल पेमेंट को वैश्विक स्तर पर सुगम बनाने की भारत की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है। फिलहाल यह बातचीत शुरुआती चरण में है, लेकिन इसने भारत के डिजिटल इकोसिस्टम के लिए नई संभावनाएं खोल दी हैं।

भारतीय यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

इस संभावित साझेदारी का सबसे बड़ा फायदा उन करोड़ों भारतीयों को होगा जो हर साल पर्यटन, व्यापार या शिक्षा के लिए विदेश जाते हैं। Alipay+ से जुड़ने के बाद भारतीय यात्री उन सभी देशों में UPI से पेमेंट कर सकेंगे, जहां Alipay+ की सुविधा उपलब्ध है।

इससे उन्हें विदेशी मुद्रा बदलवाने की झंझट और महंगे अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन चार्ज से छुटकारा मिल जाएगा। पेमेंट सीधे भारतीय रुपये में होगा, जिससे यात्रा का अनुभव और भी सहज हो जाएगा।

कितना बड़ा है Alipay+ का नेटवर्क?

एंट इंटरनेशनल का Alipay+ एक विशाल वैश्विक नेटवर्क है। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म दुनिया भर में 1.8 अरब यूजर अकाउंट्स और 15 करोड़ से ज्यादा मर्चेंट्स को अपनी सेवाएं देता है। इसका नेटवर्क एशिया, यूरोप, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका तक फैला हुआ है। UPI के इस नेटवर्क से जुड़ने का मतलब है भारत के पेमेंट सिस्टम को एक झटके में ग्लोबल पहचान मिलना।

भारत में UPI पहले से ही डिजिटल भुगतान की रीढ़ बन चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके जरिए हर महीने करीब 18 अरब लेनदेन होते हैं। सरकार और रिजर्व बैंक लंबे समय से UPI को सीमाओं के पार ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।

भू-राजनीतिक चिंताएं और सुधरते रिश्ते

हालांकि एंट इंटरनेशनल सिंगापुर की कंपनी है, लेकिन इसका जुड़ाव चीन से है, जो सुरक्षा और भू-राजनीतिक नजरिए से इस सौदे को संवेदनशील बनाता है। पिछले कुछ वर्षों में भारत और चीन के बीच तनाव के कारण तकनीकी और वित्तीय सहयोग धीमा पड़ गया था।

लेकिन हाल के दिनों में दोनों देशों के रिश्तों में सुधार के संकेत मिले हैं। सीधी उड़ानों की बहाली और वीजा नियमों में ढील जैसे कदमों से माहौल बदला है। ऐसे में इस बातचीत को भी उसी कड़ी में देखा जा रहा है।

अंतिम फैसला सुरक्षा समीक्षा के बाद

फिलहाल इस मामले पर वित्त मंत्रालय, RBI या NPCI की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सूत्रों के मुताबिक, यह बातचीत अभी प्राथमिक स्तर पर है। Alipay+ को UPI से जोड़ने का कोई भी अंतिम निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा और वित्तीय हितों की गहन समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा। अगर इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो यह भारत के डिजिटल इंडिया मिशन के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।

Banshika Sharma
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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