काम की खबर: बदल गए UPI से जुड़े ये 4 नियम, यूजर्स को होगा लाभ, बढ़ेगी सुरक्षा, जानें डीटेल

UPI New Rules 2024

UPI New Rules 2024: भारत में यूपीआई यूजर्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। दिसंबर 2023 में UPI यूजर्स के की संख्या में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि देखी गई है। पिछले साल के अंतिम महीने में करीब 18.23 लाख करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन यूपीआई यानि यूनाइटेड पेमेंट इंटरफ़ेस के जरिए हुआ है। नए साल में यूपीआई से जुड़े कई नियमों में बदलाव हुआ है। नई सुविधाओं को शुरू किया गया है। जिसका फायदा यूजर्स को होगा। सुरक्षा को लेकर भी नई सुविधा शुरू की गई है।

ट्राजेक्शन की लिमिट बढ़ी 

एनपीसीआई ने यूपीआई ट्रांजेक्शन को 1 लाख से 5 लाख बढ़ा दिया था। यह सुविधा केवल वेरीफ़ैड मर्चेंट्स के लिए उपलब्ध होगी। नए नियम 10 जनवरी से लागू होंगे।

ट्रेडिंग के लिए नई सुविधा शुरू

एनपीसीआई ने “यूपीआई फॉर सेकन्डेरी मार्केट” का ऐलान कर दिया है। यह सुविधा इक्विटी ट्रेंडिंग को आसान बनाने के लिए लिया गया है। इसके जरिए ग्राहक ट्रेड पुष्टि के बाद फंड्स को ब्लॉक कर सकते हैं। इसके अलावा ऐप पर क्लियरिंग कॉर्पोरेशन के माध्यम से टी1 आधार पेमेंट को सेटल करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

लॉन्च हुआ पहला यूपीआई एटीएम 

पहली बार देश में यूपीआई एटीएम लॉन्च किया गया है। यूजर्स केवल QR कोड स्कैन करने कैश विथ्ड्रॉ कर पाएंगे। देशभर में यूपीआई ATM सेट करने की प्लानिंग भी आरबीआई कर रहा है।

फ्रॉड से होगा बचाव, नई सुविधा शुरू

यूजर्स को धोखाधड़ी से बचाने के लिए “4-Hours Window” की शुरुआत की गई है। इसके तहत 2 हजार से अधिक का भुगतान करने वाले ग्राहकों के लिए 4 घंटे की समय सीमा निर्धारित की गई है। इस दौरान यूजर्स ट्राजेक्शन को वापस ले सकते हैं। साथ ही इसमें सुधार कर सकते हैं।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews