बदल गए UPI से जुड़े नियम, RBI ने किया बड़ा ऐलान, लाइट वॉलेट की ट्रांजैक्शन लिमिट बढ़ी

छोटे वैल्यू के डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए आरबीआई ने यूपीआई लाइट में बड़ा अपडेट किया है। लेनदेन की सीमा बढ़ा दी है।
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UPI Rules: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस को लेकर बड़ा बदलाव किया है। यूपीआई लाइट वॉलेट की सीमा बढ़ चुकी है। अब यूजर्स ऑफलाइन 5000 रुपये का ट्रांजैक्शन कर पाएंगे। प्रति लेनदेन की सीमा बढ़कर 1000 रुपये हो चुकी है।

आरबीआई ने यूपीआई लाइट लिमिट को लेकर अक्टूबर में बयान जारी किया था। इस कदम को अपनी विकसात्मक और विनियामक नीतियों का एक हिस्सा बताया है। केन्द्रीय बैंक का यह फैसला वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देता है। डिजिटल पेमेंट सिस्टम के दायरे के विस्तार की ओर इशारा करता है। इस अपडेट से उन लोगों को लाभ होगा, जिनके क्षेत्र में इंटरनेट की सुविधा सही नहीं है।

पहले कितनी थी ट्रांजैक्शन लिमिट? (UPI Lite Transaction Limit)

आरबीआई ने ऑफलाइन मोड में छोटे वैल्यू के डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया है। जनवरी 2022 में जारी ऑफलाइन फ्रेमवर्क में संशोधन किया है। वर्तमान में ऑफलाइन पेमेंट की अधिकतम लिमिट 500 रुपये है। वहीं यूपीआई लाइट वॉलेट की लिमिट केवल 2000 रुपये है।

क्या है यूपीआई लाइट? (What is UPI Lite?)

यूपीआई लाइट एक पेमेंट प्लेटफ़ॉर्म है। जो ग्राहकों को बिना पिन लेनदेन की सुविधा प्रदान करता है। इसके ऑनलाइन वॉलेट में पैसे भी ऐड करके रख सकते हैं, जिसकी लिमिट 2000 रुपये से बढ़कर 5000 रुपये हो गई है। वहीं वॉलेट में कम से कम 100 रुपये जोड़ सकते हैं। इसके लिए इंटरनेट या टेलिकम्युनिकेशन की जरूरत भी नहीं पड़ती। रुजर्स को रियल टाइम ट्रांजैक्शन अलर्ट भी नहीं मिलता है।

Manisha Kumari Pandey
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