करियर टिप्स: 12वीं के बाद कॉमर्स स्टूडेंट्स क्या करें? ये 8 कोर्स हैं बेस्ट ऑप्शन, देखें खबर

12वीं के बारे कॉमर्स स्तटूडेंट्स के पास कई करियर ऑप्शन होते हैं। अपनी योग्यता और रुचि के हिसाब से वे कोर्स का चुनाव कर सकते हैं। आइए जानें कौन सा करियर ऑप्शन अच्छा रहेगा?
career tips Best courses for commerce students

AI Generated

Career Tips: कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा खत्म होने से छात्रों को भविष्य की चिंता सताने लगती है। कई स्टूडेंट्स नहीं आगे करना चाहिए। हालांकि कुछ छात्र पहले से अपना लक्ष्य निर्धारित रखते हैं। जिसके हिसाब से कोर्स का चुनाव करते हैं।

बारहवीं के बाद कॉमर्स क्षेत्र छात्रों के पास करियर के कई विकल्प होते हैं। अच्छे वेतन की चाह में ज्यादातर छात्र सीए और सीएस जैसे कोर्स को चुन लेते हैं। बल्कि उन्हें किसी भी पाठ्यक्रम का चुनाव योग्यताओं का आकलन और रुचि के आधार पर करना करना चाहिए। नौकरी बाजार का ध्यान भी रखते हैं। कोर्स का चुनाव करने के लिए शिक्षकों और विशेषज्ञों की सलाह भी ले सकते हैं। ऐसे कई कोर्स हैं, जो आपको अच्छा वेतन प्राप्त करने में मदद करते हैं।

बैच्लर ऑफ कॉमर्स (बी.कॉम) 

कॉमर्स छात्रों के लिए बी.कॉम बेहतरीन करियर ऑप्शन साबित हो सकता है। इसकी अवधि 3 घंटे होती है। इस कोर्स को पूरा करने आप अकाउंटिंग, कॉरपोरेशन और अन्य सरकारी एजेंसियों में नौकरी कर सकते हैं।

सीए और सीएस 

सीए और सीएस कोर्स को सबसे अधिक वेतन वाला कोर्स है, लेकिन मेहनत भी अधिक होती है। 12वीं में 50% अंक लाने वाले छात्र दोनों कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। हालांकि इसके लिए विशेष प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन होता है।

बैच्लर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन 

बीबीए भी 3 वर्षीय स्नातक कोर्स है। 12वीं 45% अंक लाने वाले छात्र इसमें दाखिला ले सकते हैं। इस कोर्स को पूरा करने के बाद मार्केटिंग, फाइनेंशियल ऐनलिस्ट, HR और मैनेजमेंट कन्सल्टिंग में करियर बनाया जा सकता है।

ये कोर्स भी बन सकते हैं बेहतर विकल्प

  • बी.इकॉन:- बैच्लर ऑफ इकोनॉमिक्स 3 वर्षीय कोर्स होता है। बैंकिंग, अर्थशास्त्र और फाइनेंस में रुचि रखने वालों के लिए यह अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है। इकोनोमिस्ट और मार्केट ऐनलिस्ट के तौर अच्छी कमाई भी कर सकते हैं।
  • बीएएफ:- बैच्लर ऑफ अकाउंटिंग एंड फाइनेंस भी 12वीं के बाद कॉमर्स छात्रों के लिए अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है। अकाउंटिंग और फाइनेंस फील्ड में नौकरी मिल सकती है।
  • बीएमएस:- बैच्लर ऑफ मैनेजमेंट में भी छात्र एडमिशन ले सकते हैं। कोर्स पूरा करने के बाद एचआर मैनेजर, बिजनेस कन्सल्टेंट और प्रोजेक्ट मैनेजर के तौर पर काम कर सकते हैं।
  • डिजिटल मार्केटिंग:- डिजिटल मार्केटिंग में डिप्लोमा, डिग्री और सर्टिफिकेट कोर्स मिलते हैं। इनकी अवधि 6 महीने से 3 साल होती है। इस कोर्स में ऑनलाइन मार्केटिंग, सीएओ, एसईएम  और सोशल मीडिया मार्केटिंग के बारे में पढ़ाया जाता है।
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews