12वीं पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया पर फिर उठे सवाल, CBSE ने जारी किया स्पष्टीकरण, पोर्टल में गड़बड़ी के दावे खारिज 

सीबीएसई 12वीं पोस्ट रिजल्ट सुविधा प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। "रोल नंबर नहीं मिला" संदेश की वजह बताई है। पोर्टल संबंधित गड़बड़ियों के दावों को भी खारिज किया है। 
cbse notice

सीबीएसई बारहवीं ऑन स्क्रीन मार्किंग और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल (CBSE OSM Row) को लेकर लगातार विवाद जारी है। जिसे लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने स्पष्टीकरण जारी किया है। दरअसल, कुछ छात्रों ने सोशल मीडिया पर पुनर्मूल्यांकन के आवेदन के दौरान “Roll Number Not Found” मैसेज की शिकायत की है। जिसका संज्ञान बोर्ड ने लिया है और इस मैसेज के पीछे की वजह बताई है।

सीबीएसई ने बताया कि जब किसी स्टूडेंट ने “पोस्ट रिजल्ट सर्विसेज” प्रक्रिया के पहले चरण यानी आंसर फोटोकॉपी एप्लीकेशन विंडो के दौरान सफलतापूर्वक अप्लाई नहीं किया था। जैसे कि पहले साफ तौर पर बताया गया था। जिन्होनें पिछले चरण के दौरान अपनी स्कैन की गई आंसरबुक के लिए आवेदन किए थे, उन्हें ही सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन की अनुमति है। जिन लोगों ने पहले चरण के लिए अप्लाई नहीं किया था, उन्हें ही “रोल नंबर नहीं मिला” मैसेज नजर आ रहा है।

1.6 लाख छात्रों ने किया आवेदन

सीबीएसई ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि सरकारी टेक्निकल एजेंसी और आईआईटी की टीमों की देखरेख और मैनेजमेंट में 2 जून से लेकर 7 जून तक के बीच वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन के लिए एप्लीकेशन विंडो सुचारु रूप से संचालित हुआ। इस दौरान 1.6 लाख से ज्यादा कैंडीडेट्स में 3.8 लाख से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाओं के लिए सफलतापूर्वक आवेदन जमा किए हैं। जो इन सेवाओं के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल को दिखाता है।

सुरक्षा के कई उपाय अपनाए गए

बोर्ड ने बताया कि गलत ट्रैफिक और साइबर खतरों को रोकने के लिए आवेदन अवधि के दौरान सिस्टम की लगातार साइबर सिक्योरिटी टीम द्वारा निगरानी भी की जा रही है। इसके अलावा सीबीएसई की खास टीमों ने अपने हेल्प डेस्क और शिकायत निवारण चैनलों के जरिए एप्लीकेशन सबमिट करने वाले छात्रों को सक्रिय रूप से मदद भी दी है।

हाईकोर्ट भी हुआ सख्त 

सीबीएसई ऑन स्क्रीन मार्किंग से संबंधित मामला अब हाई कोर्ट पहुंच चुका है। एनएसयूआई द्वारा दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और सीबीएसई को नोटिस जारी किया है। याचिका में डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में कथित खामियों की जांच की मांग, बेहतर सुरक्षा उपाय और दिशा निर्देशों की मांग की गई है। अगली सुनवाई 12 जून को होने वाली है।

Manisha Kumari Pandey
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