CBSE का बड़ा फैसला: अब कक्षा 9वीं में किताब खोलकर होगी परीक्षा, जान लें इससे जुड़ी 5 जरूरी बातें 

सीबीएसई ने ओपन बुक एग्जाम (OBE) को मंजूरी दी है। यह केवल कक्षा 9वीं तक सीमित होगा। 2026-27 सेशन में नियम लागू होगा। आइए जानें इससे स्टूडेंट्स को क्या लाभ होगा?
CGBSE second exam 2026

AI Generated Image

कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने ओपन-बुक परीक्षा को मंजूरी दे दी है। यह कदम CBSE ने छात्रों के हित में राष्ट्रिय शिक्षा निति 2020 के तहत उठाया गया है। नए नियम अकादेमिक सेशन 2026-27 से लागू होंगे। एग्जाम के दौरान स्टूडेंट किताब, नोट्स और अन्य स्टडी मैटेरियल की मदद ले पाएंगे। इससे विद्यार्थियों के बीच रटने के बजाय समझने, विश्लेषण करने और क्रिटिकल थिंकिंग को बढ़ावा मिलेगा।

बता दें कि दिसंबर 2023 में 9वीं से 12वीं कक्षा के लिए ओपन बुक असेसमेंट की शुरुआत एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर किया गया था। जिसपर शिक्षकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। वहीं छात्रों के प्रदर्शन ने पता चला कि उन्हें नोट्स और बुक का इस्तेमाल करने में भी परेशानी होती है, उनके अंक 12% से 47% के बीच रहे।

सीबीएसई तैयार करेगा सैंपल पेपर और फ्रेमवर्क 

बोर्ड का यह  फैसला क्रिटिकल थिंकिंग के लिए अच्छा साबित हो सकता है। गवर्निंग बॉडी ने इस योजना को हरी झंडी दिखा दी है। सैंपल पेपर तैयार करने की जिम्मेदारी सीबीएसई को सौंपी गयी है। उन सभी स्कूलों के लिए फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा, जो यह पहल अपनाना चाहते हैं।

इंटरनल एग्जाम के रूप में स्कूल करेंगे लागू 

इसकी शुरुआत इंटरनल एग्जाम के तौर पर होगी। प्राप्त अंकों को मुख्य परीक्षा स्कोर में शामिल किया जाएगा। ओपन बुक एग्जाम अनिवार्य नहीं होगा, स्कूल अपनी क्षमता के हिसाब से यह फैसला ले सकते हैं कि इसे लागू करना है या नहीं।

कब शुरू हुई थी ओपन-बुक परीक्षा? 

सीबीएसई स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं के लिए पहली बार 2014 में ओपन-बुक एग्जाम का प्रयोग किया गया था। इसमें मैथमेटिक्स, विज्ञान, भाषा और सोशल साइंस विषय शामिल किए गए थे। चार महीने पहले ही स्टडी मैटेरियल उपलब्ध किए जाते हैं। लेकिन क्रिटिकल थिंकिंग में कोई सुधार न होने पर 2017 में इसे बंद कर दिया गया था।

छात्रों को कैसे होगा लाभ?

ओपन बुक एग्जाम का उद्देश्य छात्रों के बीच परीक्षा से सम्बंधित तनाव को कम करना है। किसी भी विषय या टॉपिक को लेकर गहरी समझ को बढ़ावा मिलेगा। स्टूडेंट्स किसी भी सब्जेक्ट की छानबीन करेंगे। प्रॉब्लम सोल्विंग और क्रिएटिविटी को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। सीबीएसई जल्द ही इससे संबंधित डिटेल नोटिफिकेशन जारी करेगा। अपडेट्स और सटीक जानकारी के लिए नियमित तौर पर ऑफिशियल वेबसाइट विजित करते रहने की सलाह दी जाती है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews