CBSE कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 से जुड़े 7 नए नियम, जरूर जान लें विद्यार्थी 

सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में इस बार कई बदलाव को देखने को मिलेंगे। कुछ नियमों को अनिवार्य किया गया है। इसकी जानकारी स्टूडेंट्स को होनी चाहिए। ताकि बाद में कोई परेशानी न हो। आइए एक-एक कर जानें क्या बदलने वाला है?
CBSE Board Exam 2026

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में इस साल कक्षा दसवीं और बारहवीं 2026 बोर्ड परीक्षा (CBSE Board Exam 2026) में कई बदलाव किए हैं। जिसका असर स्टूडेंट पर पड़ेगा। पहले से ही इन नए नियमों की जानकारी विद्यार्थियों को होनी चाहिए। ताकि बाद में किसी प्रकार की परेशानी न हो। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत किए गए हैं। बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों का 75% अटेंडेंस अनिवार्य कर दिया है। इतना ही नहीं अब अटेंडेंस और इंटरनल असेस्मेंट जुड़ा होगा। जो जो भी उम्मीदवार इसका पालन नहीं करेंगे उन्हें परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा।

अगले साल से सीबीएसई दो बार कक्षा 10वीं के लिए बोर्ड परीक्षा आयोजित करेगा। पहली परीक्षा फरवरी और दूसरी अप्रैल में होगी। जिसमें सबसे अच्छा स्कोर होगा, उसे ही फाइनल माना जाएगा। दूसरे एग्जाम को कम्पार्टमेंट या सप्लीमेंट्री की तरह काम आएगा, स्टूडेंट्स को स्कोर सुधारने का मौका मिलेगा। पहले एग्जाम का रिजल्ट अप्रैल में और दूसरे का जून में आएगा। मार्किंग स्कीम और पैटर्न में बदलाव नहीं किया गया है।

 इंटरनल असेस्मेंट से जुड़े नियम

मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए टू टियर सिस्टम अनिवार्य होगा। जिसमें 60% बोर्ड परीक्षा और 40% इंटरनल असेसमेंट का होगा। प्रश्न पत्र में कॉम्पिटेंसी बेस्ड टेस्टिंग, कांसेप्चुअल अंडरस्टैंडिंग और रियल वर्ल्ड एप्लीकेशन पर आधारित होगा। इंटरनल असेस्मेंट साल में एक बार ही होगा।

जो भी स्टूडेंट नियमित तौर पर स्कूल अटेंड नहीं करेंगे, तो उनका इंटरनल असेसमेंट पूरा नहीं हो पाएगा। जिसके कारण रिजल्ट घोषित नहीं होगा। ऐसे उसे छात्रों को एसेंशियल रिपीट की कैटेगरी में शामिल किया जाएगा।

स्पोर्ट्स स्टूडेंट के कोई एग्जाम नहीं 

सीबीएसई हर साल स्पोर्ट्स और ओलंपियाड में भाग लेने वाले उम्मीदवारों के लिए खास परीक्षा का आयोजन करता है। लेकिन इस बार नियमों में बदलाव किया गया है। कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए कोई भी विशेष परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। वे दूसरे बोर्ड परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि अन्य के लिए पहली परीक्षा अनिवार्य होगी। कक्षा 12वीं के लिए स्पेशल एग्जाम होगा।

एडिशनल सब्जेक्ट से जुड़ा नियम 

कक्षा दसवीं के छात्र दो एडीशनल सब्जेक्ट चुन सकते हैं। वहीं कक्षा 12वीं के लिए अतिरिक्त विषय की संख्या एक है। स्कूलों को यहां पर यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि इन विषयों की पढ़ाई पूरे 2 साल होनी चाहिए।

रजिस्ट्रेशन और LOC से जुड़ा बदलाव 

एलओसी सबमिशन बोर्ड परीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। इस साल अपार आईडी को भी जोड़ा गया है। हालांकि स्कूलों से शिकायत मिलने के बाद कुछ परिस्थितियों में छूट भी दी गई है। भारत से बाहर स्थित सीबीएसई स्कूलों के स्टूडेंट्स को भी इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी।

Manisha Kumari Pandey
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