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सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के लिए स्कूलों द्वारा LOC जमा करना बेहद जरूरी होता है। इस प्रक्रिया में सभी विद्यालय कक्षा दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा (CBSE Board Exam 2026) में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की लिस्ट जरूरी दस्तावेजों के साथ अपलोड करते हैं। डेटा के आधार पर ही बोर्ड एडमिट कार्ड और रिजल्ट जारी होते हैं। सेशन 2025-26 से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने आपर आईडी को अनिवार्य किया है। लेकिन अब नई अपडेट सामने आई है।
सीबीएसई ने स्कूलों को राहत दी है। बिना ऑटोमेटेड परमानेंट अकादेमी अकाउंट रजिस्ट्री आईडी (APAAR ID) एलओसी जमा करने की अनुमति दी है। तकनीकी गड़बड़ियों के कारण स्कूल बिना अपार आईडी यह काम पूरा सकते हैं। इसके लिए उन्हें “Refused” या “Not Generated” दर्ज करना होगा।
27 अगस्त को जारी नोटिफिकेशन ने बोर्ड ने सभी सम्बद्ध स्कूलों के छात्रों के लिए इस आईडी को अनिवार्य किया था। इसे एलओसी से लिंक करने का निर्देश दिया था। केवल देश के बाहर स्थित स्कूलों को छूट दी गई थी।
सीबीएसई ने क्यों उठाया यह कदम?
सीबीएसई को स्कूलों की ओर से कई ऐसी शिकायती मिला। जहां अपार आईडी जेनरेट करने में मुश्किल हो रही थी। एकाकीकरण संबंधी समस्याएं, सुधार और अपडेट में देरी, छात्र उत्तर में विसंगति और कुछ मामलों में अभिभावकों की सहमति का अभाव जैसी समस्याएं शामिल हैं। जिसे देखते हुए बोर्ड नहीं है फैसला लिया है।
एलओसी सबमिशन में देरी होने पर लगेगा जुर्माना
9 सितंबर को बोर्ड ने बोर्ड एग्जाम से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखों का ऐलान लिया है। जिसकी जानकारी स्टूडेंट्स को भी होनी चाहिए। स्कूलों को सभी गतिविधियां निर्धारित समय के भीतर पूरा करने की सलाह दी है। डेडलाइन खत्म होने के बाद 2000 रुपये तक की पेनल्टी का भुगतान करना पड़ सकता है।
कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए सीबीएसई स्कूल 30 सितंबर तक एलओसी जमा कर सकते हैं। बोर्ड ने डेटा को सत्यापित करने की सलाह दी है। गाइडलाइंस और समय सीमा का सख्त पालन करने को भी कहा है। फेट फीस के एल सबमिशन प्रक्रिया 3 अक्टूबर से शुरू होगी, अंतिम तारीख 11 अक्टूबर है। जिनका नाम एलओसी में शामिल होगा, सिर्फ उन्हें ही बोर्ड एग्जाम में शामिल होने की अनुमति होगी।

