CBSE का बड़ा फैसला, एफिलेशन के नियम बदले, इंस्पेक्शन के दौरान स्कूलों को करना होगा ये काम, अहम नोटिस जारी

सीबीएसई ने एफिलेशन से जुड़े नियम बदले हैं। संबद्धता विधि 2018 के अध्याय 12 में संशोधन किया गया है। निरीक्षक को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की गई है। इसका पालन सभी सम्बद्ध स्कूलों को करना होगा। अब गलती के हिसाब से पेनल्टी लगाई जाएगी।
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केंद्र माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने एफिलेशन से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। इस संबंध में बोर्ड ने नोटिफिकेशन जारी किया है। 26 दिसंबर 2024 को आयोजित एक बैठक शासन निकाय  द्वारा दिए गए सुझाव के आधार पर नियमों में संशोधन किया गया है। जिसे कंट्रोलिंग अथॉरिटी ऑफ बोर्ड ने मंजूरी प्रदान मंजूरी दे दी है। नए नियम देशभर के सभी सीबीएसई स्कूलों पर लागू पर होंगे।

नियमों का उल्लंघन होने पर सीबीएसई द्वारा कार्रवाई भी की जाएगी। नए नियमों को लेकर बोर्ड ने नवोदय विद्यालय समिति, केंद्रीय विद्यालय संगठन, एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल, सैनिक स्कूल सोसाइटी और सीबीएसई द्वारा मान्यता प्राप्त देशभर के अन्य स्कूलों को नोटिस भी जारी किया गया है।

अब गलती के आधार पर तय होगा जुर्माना

बोर्ड ने संबद्धता विधि 2018 के अध्याय 12 में संशोधन किया है। अब वित्तीय जुर्माने की राशि नियमों के उल्लंघन की गंभीरता के आधार पर निर्धारित की जाएगी। इससे पहले नियमों का उल्लंघन करने पर स्कूलों पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाता था। यह कदम सीबीएसई ने नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने और छात्रों के हित में उठाया है।

इंस्पेक्शन के दौरान अब ये काम जरूरी 

सीबीएसई ने संबद्धता उपनियम-2018 के अध्याय 11 और 12 के अंतर्गत कुछ खंड भी शामिल किए गए हैं। इंस्पेक्शन सही तरीके से हो यह सुनिश्चित करने के लिए नए नियम बनाए गए हैं। अब निरीक्षण समिति के सदस्यों को सभी प्रकार की सहायता प्रदान करने की जिम्मेदारी स्कूलों को सौंपी गई है। इंस्पेक्शन कमेटी के सदस्य द्वारा मांगे गए दस्तावेज, गवाह या रिकार्ड को प्रस्तुत करना होगा। निरीक्षण समिति के सदस्यों को बिना किसी बाधा विद्यालय, भवन, बुनियादी ढांचे तक  पहुंच प्रदान करने की जिम्मेदारी भी स्कूलों की होगी। निरीक्षण के दौरान स्कूल द्वारा कोई  रुकावट पैदा करने पर बोर्ड सख्त कार्रवाई कर सकता है।

Manisha Kumari Pandey
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