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एक बार फिर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का एक्शन देखने को मिला है। देशभर के 7 अलग-अलग क्षेत्रों में कुल 15 स्कूलों का औचक निरीक्षण किया गया। इस लिस्ट में दिल्ली के 8 स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, चंडीगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में भी यह अभियान चलाया गया। बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। पहले भी बोर्ड डमी एडमिशन के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। नवंबर 2024 में 21 स्कूलों की मान्यता भी रद्द की गई थी।
इस एक्शन का उद्देश्य छात्रों की अटेंडेंस और वास्तविक नामांकन के साथ-साथ शैक्षणिक एवं भौतिक बुनियादी ढांचे को सुनिश्चित करना है। सीबीएसई ने निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जरूरी कार्रवाई करने का संकेत भी दिया है। इंस्पेक्शन के दौरान एक अधिकारी और एक अन्य संबद्ध स्कूलों के प्रिंसिपल की भागीदारी रही। विद्यालय निरीक्षण से पहले डेटा या दिखावे में कोई बदलाव न हो यह भी सुनिश्चित किया गया।
आखिर क्या है वजह?
सीबीएसई के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि आंकड़ों के मुताबिक कक्षा 11वीं और 12वीं में छात्रों का एनरोलमेंट कक्षा दसवीं और दसवीं से अधिक रहा। विसंगतियों को चिन्हित करने के लिए प्रौद्योगिकी आधार विश्लेषण का इस्तेमाल किया। इनमें कई स्कूलों में फर्जी छात्र पाए गए। यह कदम फर्जी छात्रों के नामांकन की पहचान करने और शैक्षणिक एवं बुनियादी ढांचे से जुड़े नियमों के अनुपालन की पुष्टि करना करने के लिए उठाया गया।
लिस्ट में ये स्कूल शामिल
- अपेक्स पब्लिक स्कूल, बुरारी दिल्ली
- CIAT कॉन्वेंट स्कूल कंझावाला, दिल्ली
- देवेंद्र पब्लिक स्कूल, प्रेम नगर दिल्ली
- राजेंद्र पब्लिक स्कूल नांगलोई, दिल्ली
- एसकेआर पब्लिक स्कूल, इंद्रपुरी साउथ वेस्ट दिल्ली
- संत कबीर मॉडर्न स्कूल, उदय विहार निलोठी दिल्ली
- श्रीलाल कॉन्वेंट स्कूल, बबराला विहार, नई दिल्ली
- एलके इंटरनेशनल स्कूल, बवाना, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली
- श्री गुरु हरिकृष्णा पब्लिक स्कूल, चंडीगढ़
- झारखंड का सेंट्रल अकादेमी, रांची
- महाराष्ट्र द जैन इंटरनेशनल स्कूल, नागपुर
- राहुल इंटरनेशनल स्कूल, मीरा रोड (महाराष्ट्र)
- जेएस मेमोरियल पब्लिक स्कूल, मैनपुरी उत्तर प्रदेश
- आलोक भारती मॉडल स्कूल, कोलकाता
- लक्ष्य स्कूल, समलकोट आंध्र प्रदेश

