
केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड NEP 2020 के तहत शिक्षा में कई बदलाव कर रहा है। अब CBSE ने ब्रांच स्कूल स्थापित करने के लिए नियमों में संशोधन किया है। प्राथमिक स्तर के लिए शाखा स्कूल बनाने की अनुमति अनुमति दी है। इस संबंध में सीबीएसई ने गाइडलाइंस जारी की है। जिसका पालन सभी संबद्धध स्कूलों को करना होगा।
नए नियमों के के तहत मुख्य स्कूल की तरह शाखा स्कूल बनाने के लिए भी आवेदन किया जा सकता है। सेशन 2026 से 27 में ब्रांच स्कूल स्थापित करने के लिए स्कूल सरस 6.0 पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड ने यह फ़ैसला भूमि की कमी दूर करने के लिए लिया है।
बोर्ड ने क्या कहा?
सीबीएसई ने नोटिस में कहा कि “जो स्कूल बोर्ड से सम्बद्ध है और उन क्षेत्रों और शहरों में स्थित है, जहां बोर्ड की संबद्धता उपनियम 2018 के अध्याय- 3 के अंतर्गत स्कूल स्थापित करने के लिए भूमि आवश्यकता और शिथिल भूमि मंडल लागू है। वे इस नाम और संबद्धता संख्या के तहत एक शाखा स्कूल स्थापित कर सकते हैं।”: आगे बोर्ड ने कहा, ” बाल वाटिका से कक्षा 5 तक की कक्षाएं चलाने के लिए 2025 में दिए गए शाखा स्कूल उपनियम-2025 के प्रावधानों के तहत शाखा स्कूल स्थापित कर सकते हैं। मुख्य स्कूल 6ठीं से 12वीं तक की कक्षाएं चलाएंगे।”
क्या कहते हैं नए नियम?
- मुख्य स्कूल एक ही एफीलिएशन नंबर, नाम और मैनेजमेंट ब्रांच स्कूल स्थापित कर सकते हैं।
- बुनियादी ढांचे, शिक्षण स्टाफ और सहायक स्टाफ के संदर्भ में दोनों स्कूलों के पास संसाधनों का अलग-अलग सेट होना चाहिए।
- ब्रांच स्कूल में बाल वाटिका I, II और III लेकर कक्षा पांचवी तक के क्लासेस चलाने की अनुमति होगी।
- ब्रांच स्कूलों में हेड मास्टर/हेड मिस्ट्रेस नियुक्त किए जाएंगे।
- शाखा स्कूल नगर पालिका सीमा के भीतर स्थित होनी चाहिए।
- दोनों शाखों का प्रबंधन और स्वामित्व एक ही होगा। वेबसाइट भी एक होगी। प्रशासनिक और शैक्षणिक प्रथाओं को भी साझा किया जाएगा।
- ब्रांच स्कूलों में क्लास रूम, लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, पेय जल सुविधा, वैलनेस रूम, प्लेग्राउंड, आर्ट एंड क्राफ्ट रूम, डांस म्यूजिक रूम, एक्सपेरिमेंट लर्निंग लैब, थिएटर/ऑडिटोरियम और CWSN उम्मीदवारों के लिए विशेष सुविधाएं होंगी। सुरक्षा प्रावधान का ख्याल भी रखना होगा।

