बच्चों की सुरक्षा को लेकर CBSE सख्त, स्कूलों को अग्नि सुरक्षा से संबंधित दिशा-निर्देश जारी, 10 जुलाई तक मांगी रिपोर्ट

सीबीएसई ने स्कूलों को अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया है। साथ ही 10 जुलाई तक कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
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CBSE Board: स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बड़ा कदम उठाया है। नियमों का हवाला देते हुए सभी स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी किया है। साथ ही अग्नि सुरक्षा से जुड़े कुछ उपायों का अनुपालन करने की सलाह दी है। बोर्ड ने विद्यालयों को कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम करने को कहा है। सीबीएसई ने अपने नोटिस में कहा, “संबद्धता उपनियम 2018 के नियम 4.7.7 के तहत स्कूल को स्वास्थ्य और स्वच्छता के संबंध में राज्य सरकार/नगरपालिका प्राधिकरण/परिवहन विभाग के निर्देशों का अनुपालन करना अनिवार्य है।”

स्कूलों में होना चाहिए इन नियमों का पालन

बोर्ड ने स्कूल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि स्कूल नियमित अभ्यास और अग्नि सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित करें। स्कूलों में अग्निशामक अलार्म स्थापित होना चाहिए, नियमित तौर पर इसकी जांच भी करने  का निर्देश सीबीएसई ने विद्यालयों को दिया है। साथ में स्कूलों द्वारा अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र समाप्ति से पहले ही नवीनीकृत करने का निर्देश भी दिया गया है। बोर्ड ने संरचनात्मक और गैर संरचनात्मक अग्नि सुरक्षा लेखापरीक्षा और अग्नि सुरक्षा/आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का आयोजन करने की सलाह दी है। सर्कुलर के मुताबिक स्कूल में रसायन विज्ञान प्रयोगशाला में ज्वलनशील और विषाक्त्त सामग्री के भंडारण से जुड़े मानदंडों का पालन भी सुनिश्चित होना चाहिए। इसके अलावा छात्रों और शिक्षकों को स्कूल और आपदा तैयारियों के लिए प्रशिक्षण देने का निर्देश भी सीबीएसई ने विद्यालयों को दिया है।

10 जुलाई तक पोर्टल पर स्कूल प्रस्तुत करें रिपोर्ट

बोर्ड ने इन उपायों और मानदंडों को स्कूल में सुनिश्चित करने के लिए 30 दिन का समय दिया है। साथ ही सभी विद्यालयों से 10 जुलाई 2024 तक OASIS पोर्टल पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी की है। यह रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी पेम की मंजूरी के साथ जारी होना चाहिए।

स्कूलों में क्यों जरूरी अग्नि सुरक्षा

सीबीएसई ने अग्नि से होने वाली आपदा को रोकने के लिए यह कदम उठाया है। बोर्ड ने सर्कुलर में कहा, “स्कूल में अग्नि सुरक्षा इस कारण महत्वपूर्ण है कि बड़ी संख्या में बच्चे एक ही जगह पर इकठ्ठा होते हैं। यहाँ तक कि एक भी आग की घंटा सभी को प्रभावित कर सकती है।” इसलिए उपनियमों के तहत स्कूलों में कुछ प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

Manisha Kumari Pandey
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