शिक्षा में AI को मिलेगा बढ़ावा, CBSE ने किया हाइब्रिड कार्यक्रम का ऐलान, समय-तारीख घोषित, अहम नोटिस जारी 

सीबीएसई इंटेल के सहयोग से एआई फैसिलिटेटर संगोष्ठी का आयोजन कर रहा है। इसमें शिक्षा जगत, उद्योग और सरकार के सुप्रसिद्ध वक्ता शामिल होंगे और अपने विचार विमर्श साझा करेंगे। इस संबंध में अहम नोटिस जारी हो चुका है। आइए ईवेंट से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों पर एक नजर डालें-
CBSE news

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शिक्षा में शामिल किया है। छात्रों को एआई स्किल सब्जेक्ट का ऑप्शन भी प्रदान कर रहा है। सीबीएसई ने अब सीबीएसई ने हाल ही में शिक्षा में एआई तत्परता के निर्माण को लेकर एआई फैसिलिटेटर संगोष्ठी का ऐलान किया है।

इस कार्यक्रम की तारीख और समय की घोषणा हो चुकी है। हाइब्रिड कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए सीबीएसई ने इंटेल के साथ मिलाया है। इसमें बोर्ड से सम्बद्ध स्कूलों के प्रिंसिपल/ वाइस प्रिंसिपल/स्कूल लीडरशिप/ प्रबंधन शामिल हो सकते हैं। इस कार्यक्रम में स्कूल के नेताओं के लिए एआई पर अपना दृष्टिकोण विकसित करने और उसे दिशा के साथ मिलने के लिए सत्र होंगे।

कब आयोजित होगा कार्यक्रम?

एआई फैसिलिटेटर संगोष्ठी का आयोजन 18 फरवरी मंगलवार को दोपहर 2:00 बजे से लेकर शाम 5:00 बजे तक होगा। इस कार्यक्रम में शिक्षा जगत, उद्योग और सरकार के सुप्रसिद्ध वक्ता शामिल होंगे और अपने विचार विमर्श साझा करेंगे। एआई संबंधित प्रदर्शन और गतिविधियां, प्रधानाचार्य और एआई शिक्षकों की पैनल चर्चाएं और एआई आधारित दिलचस्प हस्तक्षेप कार्यक्रम में शामिल किए गए हैं।

प्रतिभागियों को नहीं देनी होगी कोई फीस

अधिसूचना के मुताबिक इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए किसी प्रकार के शुक्ल का भुगतान नहीं करना होगा। कार्यक्रम के लिए आमंत्रण लिंक  पंजीकरण के समय दी गई ईमेल आईडी पर कार्यक्रम से एक दिन पहले भेजा जाएगी।  प्रतिभागियों को ए प्रोग्रामिंग चुनौतियां, प्रश्नोत्तरी का पता लगाने और पुरस्कार और प्रमाण पत्र जीतने का अवसर भी प्रदान किया जाएगा। इस कार्यक्रम से संबंधित अतिरिक्त जानकारी के लिए स्कूल पर ai4cbse@gmail.com  से संपर्क कर सकते हैं।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews