बोर्ड परीक्षा से पहले CBSE की बड़ी घोषणा, 1 फरवरी से शुरू होगी फ्री काउंसलिंग सर्विस, छात्र ऐसे उठाएं लाभ, देखें खबर

स्ट्रेस-फ्री बोर्ड परीक्षा के लिए सीबीएसई काउंसलिंग करेगा। इसकी शुरूआत फरवरी में होगी। आइए जानें छात्र कैसे और कब तक इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं?
CBSE nasha mukt yuva talkathon

बोर्ड परीक्षा से पहले केंद्र माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने फ्री काउंसलिंग सर्विस की घोषणा कर दी है। इस सुविधा का लाभ कक्षा दसवीं और बारहवीं के छात्र उठा सकते हैं। काउंसलिंग के पहले चरण की शुरुआत 1 फरवरी से होगी। इसका समापन 4 अप्रैल 2025 को होगा।

सीबीएसई ने इस काउंसलिंग की शुरुआत छात्रों को परीक्षा के लिए समर्थन प्रदान करने के लिए की है। इस दौरान छात्रों को मनो-सामाजिक परामर्श दिए जाएंगे। एग्जाम स्ट्रेस कम करने के लिए सुझाव दिए जाएंगे। बोर्ड द्वारा टोल फ्री नंबर भी जारी किए गए हैं। बोर्ड ने सभी अभिभावकों और छात्रों को तनाव मुक्त परीक्षा के लिए इस सर्विस का उठाने के लिए प्रोत्साहित किया है।

परीक्षा से जुड़े परामर्श और समस्याओं के लिए ये काम करें

परीक्षा से संबंधित परामर्श प्राप्त करने और प्रश्नों को दूर करने के लिए छात्र 24×7 फ्री टोल फ्री आईवीआरएस 1800-11-8004 पर कॉल कर सकते हैं। टेली काउन्सलिंग सोमवार से शनिवार को सुबह 9:30 बजे से लेकर शाम 5:30 बजे तक चलेगी। सीबीएसई के ऑफिशियल वेबसाइट पर जल्द ही ए/वी कंटेंट और ब्रॉडकास्ट उपलब्ध होगा। अपडेट्स के लिए छात्रों को नियमित तौर पर ऑफिशियल वेबसाइट https://t.co/hRAQ0nEs9h विजिट करते रहने की सलाह दी जाती है।

15 फरवरी से एग्जाम शुरू

सीबीएसई 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू होने जा रही है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ने डेटशीट और गाइडलाइंस भी जारी कर दी है। कक्षा दसवीं की परीक्षा 18 मार्च तक चलेगी। वहीं 12वीं की परीक्षा 4 अप्रैल 2025 को समाप्त होगी। इसी के साथ काउंसलिंग के पहले चरण का भी सभापन होगा। परीक्षा की तैयारी के लिए वेबसाइट पर सीबीएसई सैंपल पेपर और मार्किंग स्कीम जारी कर चुका है, जिसका लाभ छात्र मुफ्त में उठा सकते हैं।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews