Government Scheme: सरकार कॉलेज छात्रों को दे रही है फ्री में Laptop, इस योजना का उठायें लाभ, जानें नियम

Government Scheme: सरकार कॉलेज छात्रों को दे रही है फ्री में Laptop, इस योजना का उठायें लाभ, जानें नियम

Government Scheme: कंप्यूटर छात्रों के जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुका है। ऑनलाइन क्लास से लेकर टेक्निकल कोर्सेज तक इसकी जरूरत पड़ती है। लैपटॉप के बिना कई विषय अधूरे होते हैं। यदि कंप्यूटर का ज्ञान न हो तो काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। गरीब आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए लैपटॉप खरीदना कोई आसान बात नहीं होती। इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने वन लैपटॉप वन स्टूडेंट योजना (One Laptop One Student) की शुरू की है।

कौन उठा सकता है लाभ?

इस स्कीम के सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर और दिव्यांग कॉलेज स्टूडेंट्स को मुफ्त में लैपटॉप दिया जाता है। हालांकि इस योजना का लाभ केवल इंजीनियरिंग, फार्मेसी, फार्मेसी, मैनेजमेंट, आर्किटेक्चर, प्लानिंग इत्यादि टेक्निकल पाठ्यक्रम के छात्र ही उठा सकते हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य डिजिटल एजुकेशन को बढ़ाना और एजुकेशन के गुणवत्ता में सुधार लाना है। ताकि छात्र-छात्राएं अपने करियर को सही डायरेक्शन में ले जा सकें।

ऐसे उठायें लाभ

यदि आप भी टेक्निकल कॉलेज या यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स हैं और आर्थिक-सामाजिक रूप से कमजोर हैं, तो इस स्कीम के लिए ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। योजना के लिए अप्लाई करने के लिए कुछ दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। इस लिस्ट में पहचान पत्र, आधार कार्ड,निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता दस्तावेज, पासपोर्ट साइज फोटो, दिव्यांग प्रमाण पत्र और मोबाइल नंबर शामिल हैं।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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