IGNOU ऑफर कर रहा 49 फ्री कोर्स, घर बैठे बिना फीस होगी पढ़ाई, ऐसे करें ज्वाइन 

इग्नू फ्री में कई कोर्स ऑफर कर रहा है। स्वयं पोर्टल पर जाकर इसे कभी भी ज्वाइन कर सकते हैं। उम्मीदवारों को फीस नहीं देनी होगी। आइए एक-एक इन पाठ्यक्रमों को जानें- 
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इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (IGNOU) डिस्टेंस और ऑनलाइन लर्निंग के लिए बेस्ट माना जाता है। इस साल संस्थान की एनआईआरएफ रैंकिंग एक थी। वर्तमान में इग्नू कई फ्री पाठ्यक्रम भारत सरकार के फ्री ऑनलाइन एजुकेशन पोर्टल स्वयं पर ऑफर कर रहा है।  इस लिस्ट में शामिल सभी कोर्स सेल्फ-पेस्ड हैं। जिन्हें कम समय में कभी भी पूरा किया जा सकता है।

खास बात यह है कि पाठ्यक्रमों को ज्वाइन करने के लिए किसी प्रकार की फीस भी नहीं भरनी पड़ती।  उम्मीदवारों को केवल स्वयं पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है। लिस्ट में कुछ कोर्स टीचर एजुकेशन तो कुछ मीडिया से जुड़े हैं। वहीं कई कोर्स भाषा और महात्मा गांधी की फिलॉसफी और विचारों पर भी आधारित हैं। जरूररत और इच्छा के हिसाब से स्टूडेंट्स पाठ्यक्रम का लाभ उठा सकते हैं।

ऐसे करें ज्वाइन

  • ऑफिशल वेबसाइट http://swayam.gov.inपर जाएं।
  • होम पेज पर साइनइन/ रजिस्टर के लिंक पर क्लिक करें।
  • नए यूजर्स साइन नाउ के विकल्प को चुनें।
  • जरूरी जानकारी दर्ज करके पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करें।
  • इसके बाद सर्च ऑप्शन में जाकर कोर्स को ढूँढे और ज्वाइन बटन पर क्लिक करें।
  • लॉग इन डिटेल दर्ज करने के बाद आप इन पाठ्यक्रमों से जुड़ जाएंगे।

महात्मा गांधी से जुड़े 9 कोर्स 

महात्मा गांधी के विचारों और फिलॉसफी से संबंधित 9 कोर्स इग्नू ऑफर कर रहा है। “गांधी द मैन एंड हिज़ टाइम्स”, फिलॉसफी ऑफ गांधी सोशल थॉट्स”, “Gandhi’s पॉलिटिकल थॉट्स”, “Gandhi’s इकोनामिक थॉट्स”, “नॉन वायलेंस मोमेंट आफ्टर गांधी”, “गांधियन एप्रोच टू पीस एंड कनफ्लिक्ट रेजोल्यूशन”, “गांधी  इन 21st सेंचुरी” “गांधी इकोलॉजी एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट” इस सूची में शामिल हैं। सभी कोर्सेज को ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस की कैटेगरी में रखा गया है। इंग्लिश मध्यम में उपलब्ध इन पाठ्यक्रमों को यूजी या पीजी स्टूडेंट्स स्टूडेंट्स ज्वाइन कर सकते हैं।

मीडिया से जुड़े 2 कोर्स उपलब्ध 

मीडिया से संबंधित दो कोर्स फिलहाल इग्नू ऑफर कर रहा है, जिसके को-ऑर्डिनेटर इग्नू के ही प्रोफेसर के.एस अरुण सेल्वन है। एक कोर्स का नाम “मीडिया इनफॉरमेशन एंड एंपावरमेंट” है, जो तमिल भाषा में उपलब्ध है। इसे पीजी स्टूडेंट्स ज्वाइन कर सकते हैं। वहीं दूसरे कोर्स का नाम “मीडिया एंड इनफॉरमेशन लिटरेसी फॉर टीचर्स” है, इसे “जर्नलिज्म और मास मीडिया” के कैटेगरी में शामिल किया गया है। यूजी स्टूडेंट्स इसे ज्वाइन कर सकते हैं।

अन्य पाठ्यक्रम के नाम भी देखें 

  • एशियन रीलिजंस
  • अवेयरनेस प्रोगाम ऑफ सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम
  • इंट्रोडक्शन टू पीस एंड कनफ्लिक्ट मैनेजमेंट
  • इंडियन पर्सपेक्टिव ऑफ पीस एंड कनफ्लिक्ट
  • कनफ्लिक्ट एंड पीस ग्लोबल पर्सपेक्टिव
  • डेवलपमेंट ऑफ़ ऑनलाइन कोर्सेज फॉर स्वयं
  • डिजिटल लिटरेसी
  • इमर्जिंग टेक्नोलॉजी फॉर बिजनेस एंड सोसाइटी
  • फाइनेंशियल लिटरेसी
  • फाउंडेशन ऑफ़ हेउटागॉजी
  • इंट्रोडक्शन टू लैंड गवर्नेंस
  • इंट्रोडक्शन टू डिजिटल ह्यूमैनिटीज
  • इंट्रोडक्शन टू  जैनिज्म
  • इंट्रोडक्शन टू ऑनलाइन लर्निंग इन हायर एजुकेशन
  • इंट्रोडक्शन टू पंजाबी लैंग्वेज
  • कनफ्लिक्ट एंड मैनेजमेंट” ट्रांसपोर्टेशन एंड पीस बिल्डिंग
  • ह्यूमन सिक्योरिटी
  • वुमन एंड पीस
  • सिविल सोसाइटी पॉलिटिक्स रिजिम एंड कनफ्लिक्ट
  • ह्यूमन राइट्स इंडियन पर्सपेक्टिव
  • इंट्रोडक्शन टू रिसर्च मैथड
  • साहित्य सिद्धांत और समालोचना
  • उपन्यास स्वरूप और विकास
  • भारतीय उपन्यास
  • इंडिया एंड वर्ल्ड पॉलिटिक्स चैलेंजेस एंड ऑपच्यरुनिटी इन 21st सेंचुरी
  • तहसील और फहेम-ओ-ईदराक
  • प्रिंसिपल ऑफ ट्रांसलेशन
  • स्टडी फ्रॉम स्टिल लाइफ
  • प्रथम बौद्ध
  • द्वितीय बौद्ध
  • संभाषणाम
  • सतत विकास के लिए संप्रेषण एवं विस्तार
  • सिंधी भाषा शिक्षण
  • टेक्नोलॉजी एंड सोसाइटी
  • अंडरस्टैंडिंग ह्यूमन ट्रैफिकिंग
  • इलेक्ट्रॉनिक व्यवसाय के मूल सिद्धांत और रचनात्मक अनुप्रयोग
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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