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JEE Main 2025: जेईई मेंस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग से कैसे बचें? अभ्यर्थी फॉलो करें ये 6 टिप्स, देखें खबर 

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जेईई मेंस परीक्षा के दौरान छोटी गलतियाँ नेगेटिव मार्किंग बढ़ा सकती है। जिससे ओवरऑल स्कोर प्रभावित होगा। AIR रैंक और पर्सेन्टाइल पर असर पड़ेगा। कुछ टिप्स को फॉलो करके नेगेटिव मार्किंग कम की जा सकती है। आइए जानें स्टूडेंट्स क्या करें?
JEE Main 2025: जेईई मेंस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग से कैसे बचें? अभ्यर्थी फॉलो करें ये 6 टिप्स, देखें खबर 

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JEE Main 2025: 2 अप्रैल बुधवार ने जेईई मेंस सेशन 2 परीक्षा शुरू होने जा रही है। स्टूडेंट्स की तैयारी पूरी हो चुकी है। एडमिट कार्ड और एग्जाम सिटी स्लिप भी उपलब्ध है। पसंदीदा इंजीनियरिंग संस्थानों में एडमिशन लेने के लिए परीक्षा में प्रदर्शन भी अच्छा होना चाहिए। इसलिए नेगेटिव मार्किंग से बचना जरूरी होता है।

एग्जाम में नेगेटिव मार्किंग कम करने के लिए सिलेबस को कवर करना और सही से प्रैक्टिस करना जरूरी होता है। इसके अलावा मार्किंग स्कीम की जानकारी भी होनी चाहिए। जेईई मेंस एग्जाम में कुल 75 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। सभी अनिवार्य होंगे। प्रत्येक सही उत्तर पर 4 अंक मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर पर 1 अंक की कटौती होगी। वहीं अटेम्पट न किए गए प्रश्नों पर कोई अंक नहीं मिलेगा। यहाँ नेगेटिव मार्किंग से बचने के लिए कुछ टिप्स बताए हैं, जो आपकी मदद कर सकते हैं। आइए जानें क्या करें और नहीं?

प्रश्न को अच्छे से पढ़ें 

परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रश्न को अच्छे से पढ़ें। महत्वपूर्ण प्वाइंट्स को हाईलाइट करें और समझें कि क्या पूछा जा रहा है। इसके बाद ही सही विकल्प को चुनें। कई छात्र प्रश्न को समझने में गलती कर देते हैं और गलत उत्तर लिख देते हैं।

इन टिप्स को भी करें फॉलो 

  • परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास जरूरी होता है। लेकिन ओवर कॉन्फिडेंस आपका नुकसान करवा सकता है। इसलिए प्रश्नों को सावधानी पूर्वक पढ़ें और उत्तर को भी अच्छे से चेक करें। जल्दबाजी में गलत ऑप्शन को न चुनें।
  • कैलकुलेशन को अच्छे से करें। इस दौरान छोटी-सी गलती भी भारी पड़ सकती है। आंसर गलत आ सकता है।
  • हमेशा नॉलेज और स्ट्रैटिजी के हिसाब से ही प्रश्नों को सॉल्व करें। किस्मत का भरोसा कर अनुमान न लगाएं।
  • गलत ऑप्शन की पहचान करने के लिए आप एलिमिनेशन मेथड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे गलतियों की संभावना कम होती है।
  • परीक्षा के दौरान टाइम मैनेजमेंट सही से करना जरूरी होगा। इससे नेगेटिव मार्किंग की संभावना कम होती है। फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स तीनों विषय के लिए समय को बांटे। इसी के हिसाब से प्रश्न सॉल्व करें। इससे आपको हड़बड़ी नहीं होगी। गलतियों की संभावना भी कम रहेगी। आप कॉन्फिडेंट रहेंगे।
Manisha Kumari Pandey
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