NEET UG पास करने के बाद अभ्यर्थी न करें जल्दबाजी, मेडिकल कॉलेज चुनते समय रखें इन 10 बातों का ख्याल, देखें खबर 

नीट यूजी परीक्षा पास करने के बाद छात्रों को समझ नहीं आता कि सही मेडिकल कॉलेज चुने। इस दौरान कुछ बातों का ख्याल रखना जरूरी होता है। छोटी-सी गलती अपने करियर के लिए गलत फैसला साबित हो सकती है। आइए जानें क्या करें और क्या नहीं?
neet ug counselling 2025

AI Generated Image

नीट यूजी रिजल्ट का ऐलान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 14 जून को कर दिया है। स्कोरकार्ड भी उपलब्ध हो चुके हैं। मेडिकल प्रवेश (NEET UG 2025) परीक्षा पास करने वालों के लिए यह समय सही मेडिकल कॉलेज चुनने का है। जिसे लेकर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। क्योंकि एमबीबीएस, बीडीएस समेत अन्य कोर्स की अवधि कम नहीं होती। बल्कि इन्हें पूरा करने में 4 से 5 साल का समय लगता है। इसलिए संस्थानों का चयन सही से करना काफी जरूरी होता है।

दाखिले से पहले मेडिकल कॉलेज को लेकर रिसर्च जरूर करें। इससे संबंध जानकारी ऑनलाइन मिल जाएगी। कॉलेज के आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। पूर्व छात्रों के रिव्यू को चेक करें। फेसबुक, ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और स्टूडेंट फोरम की मदद भी ले सकते हैं।

सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी जानें 

इंफ्रास्ट्रक्चर भी किसी संस्थान को बेहतर बनाता है। एडमिशन लेने से पहले जान लें कि कॉलेज में मॉडर्न प्रयोगशालाएं हैं कि नहीं। स्पोर्ट्स और मनोरंजन सुविधाएं, सफाई, प्रबंधन, लाइब्रेरी, इंटनेट सर्विस हॉल और अन्य सुविधाओं के बारे के में भी जान लें।

मान्यता प्राप्त कॉलेजों में ही लें एडमिशन

भारत में सैकड़ों मेडिकल कॉलेज हैं, लेकिन सभी एक जैसे नहीं है। इसलिए संस्थान की एनआईआरएफ रैंकिंग और उपलब्धियों के बारे में जरूर जान लें। नेशनल मेडिकल कमीशन की वेबसाइट पर जाकर चेक करें कि यह कॉलेज को मान्यता प्राप्त है या नहीं।

इन बातों का भी ख्याल रखें 

  • किसी भी कॉलेज में एडमिशन लेने से पहले इसके सिलेबस और पाठ्यक्रम की तुलना अन्य कॉलेजों से कर लें। कौन-सा विषय मिल रहा है और विशेषज्ञता के विकल्प को जानना भी जरूरी होता है।
  • यह भी जानना जरूरी होता है कि छात्रों को कितनी इंटर्नशिप और क्लीनिकल एक्सपोजर मिलता है। ऐसे संस्थान में एडमिशन लें जो नियमित इंटर्नशिप ऑफर करते हैं, अस्पतालों के साथ मजबूत संबंध रखते हैं और व्यावहारिक कार्यों का मौका देते हैं।
  • रिव्यू के जरिए आप यह जान लें कि कॉलेज में पढ़ाई की क्वालिटी कैसी हो। फैकल्टी की योग्यता, अनुभव, पढ़ाने के तरीके और स्टूडेंट-टीचर रेशीयो को भी जान लें।
  • प्लेसमेंट और करियर अवसरों के बारे में भी जानना जरूरी होता है।
  • कॉलेज कैसे स्थान पर है और माहौल कैसा यह भी एडमिशन से पहले जान लें। ताकि आपको भविष्य में कोई परेशानी न हो।
  • हॉस्टल फीस, ससिक्योरिटी चार्ज, ट्यूशन फीस और अन्य शुल्कों के बारे में जान लें।
  • एडमिशन के पहले इसकी प्रक्रिया को समझ लें। कट-ऑफ, रिजर्वेशन पॉलिसी इत्यादि के बारे में जानना जरूरी होता है।
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews