NEET UG 2025: नीट यूजी पर बड़ी अपडेट, रिजल्ट पर लगी रोक, एमपी हाईकोर्ट का फैसला, NTA को नोटिस जारी, ये है वजह

नीट यूजी रिजल्ट में इस साल देरी हो सकती है। एमपी हाईकोर्ट ने परिणाम पर रोक लगाई है। परीक्षा बिजली न होने के कारण छात्रों को परेशानी हुई थी। एनटीए को नोटिस जारी किया गया है।
NEET UG 2025

AI Generated

नीट यूजी परीक्षा 4 मई को देशभर के विभिन्न शहरों में आयोजित हुई थी। लाखों अभ्यर्थी उत्तर कुंजी और रिजल्ट (NEET UG 2025 Result) के इंतजार में बैठे हैं। इसी बीच मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। परिणाम पर अनंतिम रोक लगाई है। इस संबंध में हाईकोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को नोटिस भी भेजा है। जबतक सुनवाई नहीं हो जाती तब तक रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा।

पिछले साल भी नीट यूजी परीक्षा विवादों में थी। एनटीए पर कई सवाल भी उठे थे। इस बार भी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। दरअसल, एमपी हाईकोर्ट में दायर याचिका के मुताबिक एग्जाम के दौरान इंदौर के 12 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर बिजली नहीं थी। अंधेरे के कारण छात्र सही से उत्तर नहीं दे पाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि करीब शाम 4:30 बजे मोमबत्तियों की व्यवस्था की गई, जबकि पेपर 5 बजे खत्म होने वाला था।

एनटीए द्वारा जारी नीट यूजी इंफॉर्मेशन बुलेटिन के मुताबिक इस साल 14 जून को परिणाम घोषित होने वाला है। कुछ दिनों में प्रोविजनल आंसर-की जारी होने का अंदाजा लगाया जा रहा था। लेकिन हाईकोर्ट का फैसला टाइम लाइन प्रभावित कर सकता। इस साल परिणाम में देरी हो सकती है।

फिर से परीक्षा आयोजित करने की माँग 

परीक्षा केंद्रों पर सही व्यवस्था न होने के कारण कई छात्र और अभिभावक चिंतित हैं। अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकार में है। याचिका में इन परीक्षा केंद्रों पर फिर से एग्जाम आयोजित करने की माँग की गई है। अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद हो सकती है। अब तक कोई तारीख निर्धारित नहीं की गई है। वहीं अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से अब तक कोई बयान नहीं आया है।

नीट यूजी 2025 से जुड़े अन्य विवादों को भी जान लें 

  • उत्तरी दिल्ली के जहांगीरपुरी केंद्र में स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकन्डेरी गर्ल्स कॉलेज में परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन में समस्या का मामला सामने आया। छात्रों ने फिंगरप्रिन्ट मिसमैच और प्रणाली में गड़बड़ी की शिकायत की। इससे एग्जाम में देरी हुई।
  • इस साल एनटीए ने ऑप्शनल सेक्शन बी को हटाने का ऐलान किया था। जिसकी आलोचना कई छात्रों और शिक्षकों ने की।
  • कर्नाटक के कलबुर्गी में ब्राह्मण समुदाय के एक अभ्यर्थी को एग्जाम हॉल में एंट्री से पहले पवित्र धागा यानि जनेऊ उतारने को कहा गया। लोगों ने परीक्षा अधिकारियों पर भेदभाव के आरोप लगाए। परीक्षा केंद्र के बाहर कई लोगों ने धरना भी दिया।
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews