लाखों विद्यार्थियों को राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET UG 2026) के परिणामों का इंतजार कर रहे हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने प्रोविजनल अंसार-की भी जारी कर दी है। इसी बीच देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। परीक्षा प्रणाली पर पर अनेक सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले को लेकर एनटीए ने बयान जारी किया है। साथ ही परीक्षा में “कड़ी सुरक्षा” का दावा किया गया है।
एजेंसी का कहना है कि 3 मई को पूरे “सिक्योरिटी रिकॉर्ड” के तहत परीक्षा आयोजित की गई थी। प्रश्न पत्र जीपीएस-ट्रैक्ड वाहन से भेजे गए थे। जिन पर यूनिक वॉटर मार्क आईडेंटिफायर भी लगाए गए थे। एआई प्रोटोटाइप मॉनिटरिंग व्यवस्था भी की गई थी। प्रत्येक अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक सत्यापन भी किया गया था। इसके अलावा 5जी जैमर भी लगाए गए।
7 मई को मिले थे इनपुट
एनटीए ने बताया कि परीक्षा के चार दिन बाद 7 मई 2026 की देर शाम परीक्षा केंद्र के आसपास कथित अनियमितताएं के इनपुट मिले थे। जिसे 8 मई की सुबह ही केंद्रीय जांच एजेंसियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया था। इसके बाद लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी ने कार्रवाई की। कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया।
जांच एजेंसियों के साथ एनटीए
एनटीए ने स्पष्ट किया है कि एजेंसी पूरी तरह से सपोर्ट रोल में जांच एजेंसियों साथ मिलकर काम कर रही है। परीक्षण से संबंधित डेटा और आवश्यक तकनीकी सहायता भी साझा की जा रही है। जांच जारी है। एनटीए ने कहा, “जांच के बारे में पहले से कोई राय हम नहीं बनाएंगे, न ही अपेक्षित नतीजों बताएंगे। जांच पूरी पारदर्शी तरीकों से की जाएगी और तय प्रक्रिया के हिसाब से ही परिणाम बताए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।”
उम्मीदवारों को एनटीए की सलाह
एनटीए ने कहा, ”उम्मीदवारों की मेहनत और ईमानदारी पर कोई सवाल नहीं है, न ही उनके काम को कम आँका जाएगा। एजेंसी को पता है कि इस तरह की रिपोर्ट से उन्हें परेशानी हो सकती है।” राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने जांच पूरी तक इंतजार करने की सलाह दी है। यह भी कहा है कि शिक्षा मंत्रालय की सलाह पर ही कोई कदम उठाया जाएगा। अपडेट के लिए नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट https://neet.nta.nic.in/ विजिट करते रहने की सलाह दी जाती है।
