UGC NET 2026 पर बड़ी अपडेट, इन 3 विषयों के लिए होगा री-एग्जाम, नई तारीख घोषित, NTA ने जारी किया नोटिस 

इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी पेपर के लिए यूजीसी नेट री-एग्जाम का आयोजन होगा। एनटीए ने इससे संबंधित नोटिस जारी किया है। नया शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। 
ugc net 2026

यूजीसी नेट (UGC NET 2026) को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने रविवार को महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है। इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषय की परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। री-एग्जाम की तारीख और समय भी घोषित हो चुका है। इन तीनों विषयों से संबंधित शिकायतों के लिए एक समिति गठित की गई थी।

समिति ने पाया कि तीनों प्रश्न पत्रों में कई तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद संबंधित गलतियां थीं। स्कॉलर्स के नाम में गलत स्पेलिंग, किताबों के गलत शीर्षक, सवालों की भाषा में गलतियां, व्याकरण की गलतियां, लिंग और वचन मेल में गलती, विराम चिन्ह की गलतियां और स्थापित अवधारणाओं के लिए गैर मानक शब्द मिले।

यह भी पाया गया कि पहले कुछ पूछे गए कई सवाल भी दोहराए गए थे। समिति ने सिफारिश की की निष्पक्ष और त्रुटि मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीनों प्रश्न पत्रों की परीक्षा दोबारा आयोजित की जानी चाहिए।

कब होगी परीक्षा?

एनटीए द्वारा जारी नोटिस के मुताबिक इंग्लिश विषय के लिए यूजीसी नेट परीक्षा 9 सितंबर को पहली शिफ्ट में आयोजित होगी, एग्जाम सुबह 9:00 बजे से लेकर दोपहर 12:00 तक चलेगा। कॉमर्स विषय के लिए परीक्षा दूसरी शिफ्ट में दोपहर 3:00 बजे से लेकर शाम 6:00 बजे तक आयोजित होगी। सोशियोलॉजी का पेपर 10 सितंबर को सुबह 9:00 बजे से लेकर दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित किया जाएगा। शहर सूचना पर्ची और एडमिट कार्ड जल्द जारी होगी। अपडेट के लिए नियमित तौर पर आधिकारिक वेबसाइट https://ugcnet.nta.nic.in/ विजिट करते रहने की सलाह दी जाती है।

84 विषयों के परिणाम में देरी नहीं 

22 से लेकर 30 जून तक 87 विषयों के लिए यूजीसी नेट परीक्षा आयोजित की गई थी। 16 अगस्त को 84 विषयों के लिए उत्तर कुंजी जारी हो चुकी है। इस पर आपत्ति दर्ज करने का मौका 18 अगस्त तक मिल रहा है। इन विषयों के परिणाम में देरी नहीं होगी।

एनटीए ने कहा कि, “शेड्यूल के अनुसार ही 84 विषयों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की योग्यता और एचडी पर एडमिशन के लिए जेआरएफ सीटों का आवंटन और ई-सर्टिफिकेट जारी करने में तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा आयोजित होने के कारण कोई देरी नहीं होगी।” असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता के लिए परीक्षा या री-एग्जाम में शामिल होने वाले कुल उम्मीदवारों की संख्या के 6% के बराबर होगी। इन दोनों में जो भी संख्या ज्यादा होगी, उसे ही माना जाएगा।

Manisha Kumari Pandey
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