UGC NET जून 2026 सोशियोलॉजी पेपर में गलतियाँ, NTA पर उठे सवाल, कांग्रेस ने केंद्र पर साधा निशाना

यूजीसी नेट को लेकर एक बार फिर एनटीए पर सवाल उठ रहे हैं। सोशियोलॉजी पेपर में वर्तनी संबंधित गलतियाँ सामने आई है। इंग्लिश पेपर में 67 प्रश्न दोहराए गए हैं। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार की आलोचना की है। 
ugc net 2026

यूजीसी नेट (UGC NET 2026) का आयोजन देशभर के विभिन्न शहरों में 22 से लेकर 30 जून तक किया गया। सोशियोलॉजी पेपर में व्याकरण और वर्तनी संबंधित गलतियाँ सामने आई हैं। वहीं इंग्लिश पेपर में 67 प्रश्न रीपीट होने की शिकायत भी की गई है। जिसे लेकर उम्मीदवारों में नाराजगी देखी जा रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के कामकाज पर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं।

सोशल मीडिया पर उम्मीदवारों ने अंग्रेजी पेपर में प्रश्नों को “कॉपी-पेस्ट” करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है 150 प्रश्नों में से 67 प्रश्न कथित तौर पर 2 साल पहले आयोजित परीक्षा से दोहराए गए हैं। सभी दोहराए गए 67 प्रश्न अंग्रेजी के पेपर-2 में पूछे गए। जिनके प्रश्न और उत्तर विकल्प पिछली परीक्षा के समान थे।

सोशियोलॉजी पेपर में अनेक गलतियाँ, उम्मीदवारों ने की रिव्यू की मांग

उम्मीदवारों का कहना है कि सोशियोलॉजी के प्रश्न पत्र में वर्तनी की अशुद्धियां, थिंकर्स के गलत नाम, खराब हिंदी अनुवाद, व्याकरण संबंधित गलतियां और आउट ऑफ सिलेबस सवाल पूछे गए। अनुवाद की गलतियों और गलत नाम के कारण समय का नुकसान हुआ। जिसका सीधा असर स्कोर और कट-ऑफ पर पड़ सकता है। इसलिए पेपर को दोबारा विशेषज्ञों द्वारा रिव्यू करने और बोनस मार्क्स देने की मांग छात्रों ने की है।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा 

यूजीसी नेट में गड़बड़ियों को लेकर अब कांग्रेस ने केंद्र सरकार की आलोचना की है। जयराम रमेश ने कहा कि, “नीट यूजी पुनर्परीक्षा परीक्षा कराने के लिए सेना और सरकार के हर स्तर पर पूरी ताकत लगाने पड़ी। इससे पता चलता है कि मोदी सरकार बिना इतनी बड़ी तैयारी की परीक्षा कराने में पूरी तरीके से नाकाम रही। जब परीक्षा द्वारा आयोजित परीक्षाओं की बात आती है तो उनका रिकॉर्ड बहुत खराब रहा।’ आगे उन्होंने कहा, “यूजीसी नेट इंग्लिश परीक्षा में सवाल बिना किसी बदलाव किसी भी पुराने पेपर से उठा लिए गए थे और यूजीसी नेट सोशियोलॉजी का प्रश्न पत्र स्पेलिंग, अनुवाद और ग्रामर की गलतियों से भरा हुआ था।”

शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए जयराम रमेश ने कहा, “एनटीए इस काम के लिए सही नहीं है। जिस मंत्री की देखरेख में एनटीए सुधार और उसे मजबूत किया जाना था, वह अयोग्य और लापरवाह साबित हुए। उनके पद पर बने रहना हमारे लोकतंत्र पर दाग है।”

Manisha Kumari Pandey
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