UGC ने किया एलाइड हेल्थकेयर डिग्री से जुड़े नियमों में बदलाव, सत्र 2026-27 से लागू, अहम नोटिस जारी 

यूजीसी ने एलाइड हेल्थकेयर डिग्री से नए नियमों की घोषणा की है। इससे संबंधित नोटिस भी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया है। कई पाठ्यक्रमों की अवधि बढ़ाई गई है। 
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने एलाइड एंड हेल्थकेयर डिग्री से संबंधित कार्यक्रमों की संरचना में कुछ बदलाव किए गए हैं, जो शैक्षणिक सत्र 202- 27 से लागू किए गए हैं। इन बदलावों में मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी (MPT) और मास्टर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी से संबंधित इत्यादि कार्यक्रम शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों को सामान्य डिग्री के रूप में ऑफर नहीं किया जाएगा।

यूजीसी द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक केंद्र सरकार की स्वीकृति से यह बदलाव 27 अगस्त 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किए गए। अब छात्रों को एएमपी और एमओटी डिग्री विशिष्ट विशेषताओं के साथ हासिल करनी होगी। कई नई विशेषज्ञताएं जोड़ी गई हैं। आयोग ने नोटिफिकेशन में इन कार्यक्रमों के अंतर्गत नई डिग्री के नाम और विशेषज्ञाताओं की जानकारी दी है। यह बदलाव मौजूद छात्रों पर लागू नहीं होगा।

यूनिवर्सिटी को करना कार्यक्रमों का पुनर्गठन  

अब विशेष योग्यताओं के साथ एमपीटी और एमओटी डिग्री प्रदान किया जाएगा। नए स्ट्रक्चर के तहत विश्वविद्यालय को अपने कार्यक्रमों का पुनर्गठन भी करना होगा।  बैचलर ऑफ़ ऑप्टोमेट्री की न्यूनतम अवधिया 4 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है। बैचलर ऑफ़ ऑक्यूपेशनल थेरेपी की अवधि 4 1/2 वर्ष साल से बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है। बैचलर ऑफ़ फिजियोथेरेपी की अवधि 4 1/2 बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है। मास्टर्स प्रोग्राम की अवधि 2 साल है।

कई नई विशेष डिग्रियाँ जोड़ी गई 

यूजीसी ने नोटिफिकेशन में कई स्पेसिफिक डिग्री की जानकारी भी दी है। इस लिस्ट में बैचलर ऑफ़ मेडिकल लैबोरेट्री साइंस, मास्टर ऑफ़ मेडिकल लैबोरेट्री साइंस,  इन मेडिकल बायोकेमेस्ट्री, मास्टर्स ऑफ मेडिकल लैबोरेट्री साइंस इन मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी, मास्टर्स ऑफ़ मेडिकल लैबोरेट्री साइंस इन हेमेटोलॉजी और ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, मास्टर्स ऑफ़ मेडिकल लैबोरेट्री साइंस इन हिस्टोलॉजी और साइटोपैथोलॉजी, बैचलर ऑफ़ इमरजेंसी मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट पैरामेडिक्स, मास्टर्स ऑफ़ एडवांस्ड केयर पैरामेडिक्स ऑफ  रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी इत्यादि शामिल हैं। पूरी लिस्ट नोटिफिकेशन में चेक कर सकते हैं।

एमओटी सूचीबद्ध विशेषताओं में मस्कुलोस्केलेटल साइंसेज, पीडियाट्रिक्स, न्यूरोसाइंसेज, मेंटल हेल्थ, कार्डियोवैस्कुलर, रिहैबिलिटेशन इत्यादि शामिल हैं। वहीं एमओटी कार्यक्रमों में न्यूरोसाइंसेज, कार्डियो-पल्मोनरी साइंसेज, स्पोर्ट्स साइंसेज, पीडियाट्रिक्स एंड नियोनेटल साइंसेज, ऑन्कोलॉजी साइंसेज, कम्युनिटी रिहैबिलिटेशन साइंसेज इत्यादि विशेषज्ञताएं शामिल की गई हैं।

Manisha Kumari Pandey
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