अवैध अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 8 महीने पहले दिए गए नोटिस, अब प्रशासन ने की सख्ती

पट्टा करीब 350 वर्ग फीट का है लेकिन उन्होंने इसपर 1500  से 2000 वर्ग फीट पर मकान बना लिए, उन्होंने कहा हम आवास नहीं तोड़ रहे अतिरिक्त अवैध निर्माण हटा रहे है जिससे रास्ता क्लियर हो सके। 
Chhatarpur district administration demolish encroachments.

Chhatarpur district administration demolish encroachments.

छतरपुर जिला प्रशासन ने आज एक ऐतिहासिक मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर किये गए अतिक्रमण को हटा दिया, जेसीबी मशीनों के साथ जिला प्रशासन, नगर पालिका प्रशासन और पुलिस का अमला अतिक्रमण वाले क्षेत्र में पहुंचा और अवैध निर्माणों को ढहाना शुरू कर दिया।

रियासतकालीन शहर छतरपुर में ऐतिहासिक प्राचीन मंदिर गोपाल टौरिया के रास्ते पर कई लोगों ने अवैध रूप से आवास बना लिए थे, धीरे धीरे पूरा क्षेत्र मुस्लिम बहुल  इलाका हो गया, रास्ता सकरा होने से लोगों को मंदिर जाने में परेशानी होने लगी जिसकी शिकायत प्रशासं तक पहुंची।

मंदिर जाने वाले सड़क रह गई 2-3 फीट 

एसडीएम अखिल राठौर के मुताबिक शिकायत की जाँच के बाद 21 मकानों को चिन्हित किया गया जिन्होंने अतिक्रमण किया था, उन्होंने बताया कि इन लोगों ने अपने घर इतने ज्यादा बाहर कर लिए थे कि 20 फीट की सड़क 2-3 फीट ही रह गई, उन्होंने बताया कि 8-9 पहले इन्हें नोटिस दिए गए थे मौखिक भी कहा गे अलेकिन जब इन्होने अतिक्रमण नहीं हटाया तो अब ये कार्रवाई करनी पड़ रही है।

पट्टे की जमीन पर 5 गुना से ज्यादा निर्माण 

सीएमओ माधुरी शर्मा ने बताया कि इन लोगों को पट्टा आवंटित है जहाँ आवास बने हैं लेकिन उन्होंने 5 गुना से ज्यादा निर्माण कर लिया है जिससे रास्ता छूता हो गया है, उन्होंने बताया कि पट्टा करीब 350 वर्ग फीट का है लेकिन उन्होंने इसपर 1500  से 2000 वर्ग फीट पर मकान बना लिए, उन्होंने कहा हम आवास नहीं तोड़ रहे अतिरिक्त अवैध निर्माण हटा रहे है जिससे रास्ता क्लियर हो सके।

कई बार दी गई समझाइश, अब चला बुलडोजर 

सीएमओ ने कहा कि इन लोगों को पहले नोटिस दिए जा चुके हैं, मौखिक रूप से भी कई बार समझाया जा चुका है, मुनादी भी करवाई गई है, आज भी इन लोगों को खुद अतिक्रमण हटाने का समय दिया गया कुछ लो हटा भी रहे हैं लेकिन जो सहयोग नहीं कर रहे वहां प्रशासन बुलडोजर से अवैध निर्माण हटा रहा है।

सौरभ शुक्ला की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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