छतरपुर जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मात्र पांच दिनों के अंदर चार लूट, दो बड़ी चोरियां और एक हत्या की वारदातें सामने आने से पूरे जिले में सनसनी फैल गई है। एसपी अगम जैन के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे दिनदहाड़े, थानों के बगल में और यहां तक कि बैंक के अंदर भी लूट और ठगी की घटनाएं अंजाम दे रहे हैं। बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित दिख रही है।
बुजुर्ग पर घर के बाहर सोते समय बेरहमी से हमला, सोने का गजरा लूटा
मातगुवां थाना क्षेत्र के गांव छिरावल में गुरुवार सुबह करीब तीन बजे 90 वर्षीय बुजुर्ग भरत सिंह चंदेल पर चार अज्ञात युवकों ने बेरहमी से हमला कर दिया। आरोपियों ने बुजुर्ग का मुंह दबाकर चुप कराया और ब्लेड से उनके हाथ पर वार किया। इसके बाद उन्होंने गले में पहने सोने के गजरे को लूट लिया और फरार हो गए। बुजुर्ग के बेटे दिनेश सिंह ने बताया कि घटना की सूचना सुबह 5:30 बजे मिली। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन चारों आरोपियों की अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पुलिस बनकर आए शातिर ठगों ने उतरवा लिए बुजुर्ग महिला के गहने
रविवार सुबह सिविल लाइन थाना क्षेत्र के उत्सव धाम के ठीक सामने दो ठगों ने खुद को पुलिस वाला बताकर बुजुर्ग महिला किरण यादव के गले से सोने की चेन उतरवा ली। महिला दूध लेकर लौट रही थीं, जब ठगों ने पुलिसिया रौब दिखाकर चेन छीन ली। सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना कैद हो गई है, जिसमें ठगों के चेहरे साफ दिख रहे हैं, लेकिन पुलिस अब तक उन्हें पकड़ नहीं पाई है। सीएसपी अरुण कुमार सोनी ने केस दर्ज करने की बात कही है, पर आरोपियों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई।
बुजुर्ग महिलाओं के लिए खतरा: कोतवाली थाने के बगल में दिनदहाड़े सोने के गहने लूटे
5 अप्रैल 2026 को कोतवाली थाने के ठीक बगल में दो युवकों ने एक बुजुर्ग महिला को बातों में उलझाकर उसके सोने के गहने लूट लिए। उसी दिन सिविल लाइन थाना क्षेत्र में भी इसी तरीके से एक अन्य बुजुर्ग महिला के साथ ठगी की गई। दोनों मामलों में आरोपी एक ही गैंग के बताए जा रहे हैं। थाने के इतने करीब होने के बावजूद घटना होने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तलाश शुरू करने का दावा किया है, लेकिन आरोपी अभी फरार हैं।
एसबीआई मुख्य शाखा में लूट की कोशिश नाकाम, लेकिन पुलिस की सतर्कता शून्य
सोमवार सुबह एसबीआई मुख्य शाखा में एक युवक ने बुजुर्ग कर्मचारी लल्लूराम वाल्मीकि के हाथ से 5000 रुपये छीनकर भागने की कोशिश की। बैंक गार्ड और ग्राहकों की सजगता से आरोपी शब्बीर को पकड़ लिया गया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया, लेकिन यह घटना बैंक जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा की ढिलाई को उजागर करती है।
बस स्टैंड पर बैग से लाखों के जेवरात व नकदी चोरी
5 अप्रैल को बस स्टैंड पर महोबा जाने वाली बस में भूपेंद्र शर्मा का बैग रखा था, जिसमें से सोने की बेंदी, चूडिय़ां, हार, बैसर, झुमकी, चांदी की पायल, अंगूठी, 15 हजार नकद और अन्य जेवरात चोरी हो गए। पीडि़त ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन पुलिस की जांच अभी शुरुआती दौर में है।
नींद में डूबा परिवार, चोरों ने घर खंगालकर उड़ाए लाखों के जेवर और नकदी
बमनोरा थाना क्षेत्र के गांव कचरा में चोरों ने गहरी नींद का फायदा उठाकर एक घर से 200 ग्राम सोने के जेवरात, 3 किलो चांदी के आभूषण और 60 हजार रुपये नकद चुरा लिए। पीडि़त हललन यादव ने पुलिस पर आरोप लगाया कि चोरी की कीमत सिर्फ 90 हजार आंकी जा रही है, जबकि वास्तविक नुकसान लाखों का है। पुलिस फिंगरप्रिंट ले रही है, लेकिन गिरफ्तारी अभी दूर-दूर तक नहीं दिख रही।
अधजला शव मिलने से सनसनी, हत्या कर सबूत मिटाने की आशंका
सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में बरकौहां से गांव जाने वाले कच्चे मार्ग के पास एक 18-22 वर्षीय युवक का अधजला शव मिला। शव के पास केवल अंडरवियर था। पुलिस को संदेह है कि हत्या के बाद शव को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई। युवक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है और हत्यारे फरार हैं।
ये लगातार घटनाएं साफ बताती हैं कि छतरपुर जिले में अपराधियों का आतंक बढ़ता जा रहा है, जबकि एसपी अगम जैन के अधीन पुलिस पूरी तरह से नियंत्रण खो चुकी है। थानों के बगल में, बैंक में और गांवों में अपराध हो रहे हैं, लेकिन पुलिस की कार्रवाई सिर्फ रिपोर्ट लिखने और बयान देने तक सीमित है। आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना खत्म हो रही है। अब सवाल यह है कि प्रशासन कब तक चुप्पी साधे रहेगा और कब जिले में कानून का राज स्थापित होगा?







