शिवराज बोले, राहुल के समझाने पर भी माफ़ी नहीं मांग रहे कमलनाथ, रावण को भी सभी ने समझाया था

Shivraj Singh Chauhan

छतरपुर, संजय अवस्थी| जिले की बड़ामलहरा विधानसभा (Bada Malhara Assembly) में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) को निशाने पर लिया और जमकर प्रहार किये| शिवराज ने कहा कि एक गरीब महिला मंत्री बन गई तो कमलनाथ उसके सम्मान की धज्जियां उड़ा रहे और माफ़ी भी नहीं मांग रहे| राहुल गांधी (Rahul Gandhi) भी समझा रहे लेकिन कमलनाथ नहीं मान रहे| सीएम ने कहा याद रहे रावण को भी सभी ने समझाया था परंतु वह नहीं माना और सीता मैया के अपमान के कारण उसकी लंका नष्ट हो गई।

जनता को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा हम जनता को प्रणाम करें, तो कमलनाथ जी को दिक्कत होती है। हम विकास के काम करें, तो उन्हें दिक्कत होती है। कमलनाथ जी आप सेठ हैं, आपकी जनता को कुचलने की आदत है। हमारे लिए तो जनता ही भगवान है। आप उद्योगपति हैं, तो क्या आपको किसी गरीब बहन का अपमान करने का अधिकार मिल जाता है|

सीएम शिवराज ने कहा क्या कोई गरीब महिला को मंत्री बनने का अधिकार नहीं है, पार्टी छोड़ दी तो सम्मान की धज्जियाँ उड़ाओगे, कमलनाथ याद रख लेना यह वही धरती जहां सीता मैया का अपमान रावण ने किया था, तो उसका वंस सहित विनाश हो गया था| मैंने कमलनाथ से कहा माफ़ी मांग लो, राहुल गाँधी ने कहा माफ़ी मांग लो, लेकिन उनका कहना है वो माफ़ी नहीं मांगेंगे| रावण को भी सभी ने समझाया था परंतु वह नहीं माना और सीता मैया के अपमान के कारण उसकी लंका नष्ट हो गई। राहुल गाँधी भी समझा रहे लेकिन कमलनाथ नहीं मान रहे, ऐसे व्यक्ति को क्या नेता रहने का अधिकार है|

नाथ को नहीं पता आल्हा और ऊदल कौन थे
शिवराज ने निशाना साधते हुए कहा कांग्रेस की हालत तो यह हो गई है कि एक दिल के टुकड़े हजार हुए, कुछ कमलनाथ ले गये, कुछ दिग्गी राजा और कुछ राहुल गांधी, कांग्रेस दिशाहीन और लक्ष्यहीन हो गई है। कमलनाथ को मध्यप्रदेश की परंपरा और संस्कार के बारे में ही नहीं पता। उन्हें न महाराजा छत्रसाल की जानकारी है और न ही आल्हा और ऊदल की। हम जो कहते हैं, वो करते हैं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews