तलैया में डूबने से एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत, गांव में मातम

तलैया में डूबने से एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत, गांव में मातम

छतरपुर, संजय अवस्थी| मध्य प्रदेश (MadhyaPradesh) के छतरपुर (Chhatarpur) जिले में रविवार को एक दुखद हादसा हो गया| यहां तीन मासूम बच्चों की घर के पास तलैया में डूबने से मौत हो गई| तीनों आपस में सगे भाई बहन थे| पुलिस (Police) ने मौके पर पहुँच कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा| घटना के बाद से गाँव में मातम का माहौल पसरा हुआ है|

जानकारी के मुताबिक, घटना जिले के गढ़ी मलहरा थाना क्षेत्र के उर्दू मऊ गांव की है| जहां रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब 6 साल की अनन्या, 4 साल का साहिल और 2 साल की बच्ची नैना की तलैया में तैरती हुई लाश मिली| तीनों बच्चे अपने घर से खेलने के लिए निकले हुए थे। लेकिन कुछ देर बाद ही यह घटना हो गई|

घटना के बाद से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है तो गांव में मातम का माहौल है। लोगों द्वारा अनुमान लगाया जा रहा है कि तलैया के पास बच्चे खेल रहे थे, अचानक मिट्टी की फिसलन से यह हादसा हुआ होगा| फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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