छत्तीसगढ़ भू-वैज्ञानिक मंडल की 25वीं बैठक; रजत महोत्सव में खनिज विकास पर जोर

मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने कहा कि खनिज किसी भी राज्य के विकास की रीढ़ होते हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में रणनीतिक और क्रिटिकल मिनरल्स की खोज को विकास का नया युग शुरू करने वाला बताया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और संस्थानों से नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर खनिज अन्वेषण को गति देने का आह्वान किया।
छत्तीसगढ़ भू-वैज्ञानिक मंडल की 25वीं बैठक; रजत महोत्सव में खनिज विकास पर जोर

छत्तीसगढ़ में खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग और नए खनन परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करने के लिए राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल की 25वीं बैठक गुरुवार, 21 अगस्त 2025 को रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित हुई। इस रजत महोत्सव समारोह की अध्यक्षता खनिज साधन विभाग के सचिव और मंडल के अध्यक्ष पी. दयानंद ने की। बैठक में संचालक भौमिकी व खनिकर्म रजत बंसल, केंद्र व राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और उपक्रमों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य खनिज संसाधनों का सतत उपयोग, 2024-25 की उपलब्धियों की समीक्षा और 2025-26 के लिए अन्वेषण योजनाओं को अंतिम रूप देना था।

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में छत्तीसगढ़ को खनिज राजस्व के रूप में लगभग 15,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34% अधिक है। इस वृद्धि ने प्रदेश के आर्थिक ढांचे को मजबूती दी और खनन क्षेत्र में नए निवेश के अवसर खोले। संचालक रजत बंसल ने बताया कि 2024-25 में 2500 मिलियन टन चूना पत्थर और 93 मिलियन टन लौह अयस्क के भंडार का आकलन किया गया। 2025-26 के लिए 11 अन्वेषण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनमें लिथियम, ग्लूकोनाइट, लेपिडोलाइट, चूना पत्थर और बॉक्साइट जैसे रणनीतिक खनिज शामिल हैं।

आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा

मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने कहा कि खनिज किसी भी राज्य के विकास की रीढ़ होते हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में रणनीतिक और क्रिटिकल मिनरल्स की खोज को विकास का नया युग शुरू करने वाला बताया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और संस्थानों से नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर खनिज अन्वेषण को गति देने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने डेटा साझा करने और एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के उप महानिदेशक डॉ. अमित धारवाड़कर ने बताया कि 2025-26 में 29 परियोजनाओं पर काम होगा, जिनमें बॉक्साइट, गोल्ड, लिथियम और फॉस्फोराइट जैसे खनिज शामिल हैं।

एनएमईटी के तहत नई परियोजनाएं

खान मंत्रालय, भारत सरकार ने राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट (एनएमईटी) के तहत 2024-25 में चूना पत्थर और बॉक्साइट के लिए एक-एक परियोजना को मंजूरी दी है। इसके अलावा, निजी अन्वेषण संस्थानों को लिथियम, नियोबियम, टैंटलम, टाइटेनियम और लौह अयस्क की दो परियोजनाओं के लिए स्वीकृति मिली है। निजी क्षेत्र के सहयोग से खनिज अन्वेषण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। बैठक में एनएमडीसी, सीआईएल, वेदांता, अल्ट्राटेक और डेक्कन गोल्ड जैसे उपक्रमों के प्रतिनिधियों ने भी अपने कार्यों की जानकारी साझा की। यह बैठक छत्तीसगढ़ के खनिज विकास और आत्मनिर्भर भारत मिशन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही।

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