रायपुर/गांधीनगर। छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुजरात का दौरा किया है। सोमवार को उन्होंने गांधीनगर स्थित प्रसिद्ध संस्थान NAMTECH (न्यू ए मेकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) पहुंचकर वहां की शिक्षण प्रणाली और आधुनिक तकनीकों का जायजा लिया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य गुजरात के सफल मॉडल को अपनाकर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को उन्नत बनाना है।
मुख्यमंत्री साय ने संस्थान की मॉडर्न लैब्स, करिकुलम और टेक्निकल फैसिलिटीज को बारीकी से देखा। उन्होंने छात्रों से बातचीत कर उनके प्रोजेक्ट्स और मशीनों पर काम करने के अनुभव को भी समझा। साय ने कहा कि गुजरात, महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमि है, जिसने देश को विकास और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया है।
क्या है गुजरात का NAMTECH मॉडल?
NAMTECH प्रबंधन ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने गुजरात में एक ‘नेटवर्क मॉडल’ विकसित किया है। इसके तहत कुछ कॉलेजों को आपस में जोड़ा जाता है, जहां एक प्रमुख संस्थान नई तकनीक में एक्सपर्टीज हासिल करता है और फिर उसकी सम्बंधित नॉलेज और ट्रेनिंग दूसरे कॉलेजों तक पहुंचाता है। इस मॉडल से छात्र सीधे उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक तैयार हो रहे हैं। कॉलेज प्रबंधन ने छत्तीसगढ़ में भी इस मॉडल को लागू करने में सहयोग की इच्छा जताई है।
छत्तीसगढ़ के 10,000 युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
राज्य सरकार की योजना है कि गुजरात के इसी मॉडल को छत्तीसगढ़ में लागू किया जाए। यदि यह योजना सफल होती है, तो हर साल लगभग 10,000 से अधिक युवाओं को स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन जैसी नई तकनीकों में प्रशिक्षित किया जा सकेगा। इसके लिए आईटीआई कॉलेजों में आधुनिक मशीनें और डिजिटल प्रशिक्षण सुविधाएं शुरू की जाएंगी, ताकि छात्र थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल कौशल भी सीख सकें। इससे उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और वे देश के बड़े इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स में काम करने के लिए तैयार हो सकेंगे।
“युवा छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताक़त हैं। हम ऐसे युवाओं को तैयार कर रहे हैं, जो नई सोच और आधुनिक तकनीक के साथ विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ेंगे। विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में छत्तीसगढ़ की अहम भूमिका होगी।” — विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार, टेक्निकल नॉलेज और इंडस्ट्रीज से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।





